• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • राजगढ़

रुपये दोगुना करने के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, 10 राज्यों में 30 हजार किमी पीछा कर राजगढ़ पुलिस ने पकड़े 14 आरोपित

निवेश की रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 2 करोड़ रुपये ठगे गए। पुलिस ने 1.73 करोड़ रुपये नकद, चार लग्जरी वाहन और 19 मोबाइल समेत कुल 2.92 करोड़ रुपये का ...और पढ़ें

By Rajesh SharmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Thu, 27 Aug 2026 05:49:37 PM (IST)Updated Date: Thu, 27 Aug 2026 06:10:41 PM (IST)
रुपये दोगुना करने के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, 10 राज्यों में 30 हजार किमी पीछा कर राजगढ़ पुलिस ने पकड़े 14 आरोपित
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। नईदुनिया।

HighLights

  1. राजगढ़ पुलिस ने 10 राज्यों में 30 हजार किमी किया पीछा
  2. ऑपरेशन मनी ट्रैप के तहत 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया
  3. चार लग्जरी वाहन, 19 मोबाइल समेत कुल 2.92 करोड़ का सामान जब्त

नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़-ब्यावरा। पैसे दोगुना करने का झांसा देकर 2 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का राजगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन मनी ट्रैप के तहत पुलिस ने 10 राज्यों में करीब 30,000 किलोमीटर तक पीछा कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के पास से 1 करोड़ 73 लाख नगद, 4 लग्जरी वाहन और 19 एंड्रॉयड मोबाइल सहित कुल 2 करोड़ 92 लाख 91 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया है।

पुलिस कंट्रोल रूम राजगढ़ में मामले का पर्दाफाश करते हुए एसपी अमित तोलानी ने बताया की 24 जुलाई 2026 को फरियादी देवेन्द्र पिता कृपाशंकर पालीवाल, उम्र 46 वर्ष, निवासी ब्यावरा ने थाना ब्यावरा शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई।

निवेश की रकम दोगुना करने का दिया था लालच

फरियादी ने बताया कि प्रफुल्ल गजभिये ने खुद को बड़ी कंपनी से जुड़े लोगों का परिचित बताकर निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच दिया। आरोपी ने अन्य साथियों से मिलवाकर फर्जी ई-मेल और दस्तावेज दिखाकर विश्वास में लिया।आरोपियों ने 2 करोड़ निवेश पर अधिक राशि वापस देने का झांसा दिया।


22जुलाई 2026 को भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बाबूलाल कांतीलाल कोरियर ऑफिस में फरियादी से 2 करोड़ नगद ले लिए और हवाला-आंगड़िया के माध्यम से भेजने की बात कही। विश्वास में रखने के लिए 4 करोड़ के आरटीजीएस का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर फरार हो गए।

राशि वापस न मिलने पर फरियादी को ठगी का एहसास हुआ और उसने ब्यावरा पुलिस को सूचना दी। इस पर थाना ब्यावरा शहर में 24 जुलाई 26 को प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।

naidunia_image

50 पुलिसकर्मियों ने 10 राज्यों में दी दबिश

आरोपियों की गिरफ्तारी एवं ठगी की राशि की बरामदगी हेतु 10 विशेष टीमों का गठन किया। जिसमें लगभग 50 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। आरोपियों के मूवमेंट एवं आपसी कनेक्शन की कड़ियां जोड़ने के लिए अलग-अलग राज्यों में करीब 3,000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

पुलिस टीमों ने लगभग 30,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए करीब 35 दिनों तक लगातार कार्रवाई कर, आरोपियों की तलाश में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा सहित 10 राज्यों में लगातार दबिश दी गई, और विभिन्न राज्यों से 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया।

गिरोह का काम करने का ढंग - 6 स्तर पर ठगी

जांच में सामने आया कि गिरोह 6 स्तरों पर काम करता थाः

  • पहला स्तर - मालदार और जरूरतमंद पीड़ित को चिन्हित करना।
  • दूसरा स्तर - बड़ी कंपनी का नाम, महंगी गाड़ियां, होटल में बैठक और दस्तावेजों से विश्वास जीतना।
  • तीसरा स्तर - फर्जी ई-मेल, स्वीकृति-पत्र और भुगतान संदेश दिखाकर निवेश को असली बताना।
  • चौथा स्तर - पीड़ित से अधिकतम नगद राशि लेना ताकि बैंक में रिकॉर्ड न बने।
  • पांचवा स्तर - नकद राशि को हवाला या आंगड़िया नेटवर्क से अलग-अलग शहरों में पहुंचाना।
  • छठा स्तर - राशि बांटकर ठिकाने, मोबाइल नंबर और शहर बदल लेना।

हर लिंक पर असली नाम छुपाकर ट्रेड नाम रखते थे

गिरोह की खास बात यह थी कि हर लिंक पर आरोपी अपना असली नाम छुपाकर ट्रेड नाम रखते थे। एक व्यक्ति सिर्फ अपने ऊपर और नीचे की लिंक को जानता था। आरोपियों की भूमिका जांच में सामने आया कि माधव असोरे, सुजीत टेम्बेकर और साहिल नीसवाडे ने पीड़ित की तलाश कर गिरोह से संपर्क कराया।

खुदको कंपनी का डायरेक्टर बता विश्वास जीता

प्रफुल्ल गजभिये और सचित कामले ने कंपनी के एजेंट, दिनेश वीरानी ने कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट और वासुदेव गाडेकर ने कंपनी के डायरेक्टर के रूप में खुद को पेश कर फरियादी का विश्वास जीता। भोपाल और ब्यावरा के होटल प्रेसिडेंट और होटल रेडिएंट में बैठकें कर निवेश के लिए तैयार किया।

इसके बाद अंगड़िया हेड आरिफ हुसैन के कहने पर सन्नी उर्फ शमीम मंडल और मुस्कीम मंडल ने भोपाल में 2 करोड़ नगद लिए और फर्जी आरटीजीए दिखाकर फरार हो गए। बाद में आरिफ हुसैन, नवीन जैन, कांतीलाल उर्फ कमल, अशोक चौधरी और बोनी यामीन ने राशि को महाराष्ट्र से अलग-अलग जगहों पर पहुंचाकर बांटा।

naidunia_image

गिरफ्तार आरोपी और उनके कब्जे से जब्त सामान

मामले का खुलासा करते हुए एसपी अमित तोलानी ने बताया कि कार्रवाई में 14 आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से नकदी व सामान जब्त किए है। जिसमें आरिफ पिता साजोद्दीन हुसैन (36), ठाणे, महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया है जिसके पास से 46 लाख नगद, 3 मोबाइल, 2 कार, अशोक पिता मांगीलाल चौधरी (32), मुंबई से 42 लाख नगद, एक कार, 1 मोबाइल, नवीन पिता चेतनप्रकाश जैन (45), जोधपुर से 30 लाख नगद, 2 मोबाइल, सन्नी उर्फ शमीम मंडल (35), मुर्शिदाबाद, बंगाल से 25 लाख नगद,कार 1 मोबाइल, मुस्कीम मंडल (32), मुर्शिदाबाद से 4 लाख नगद, 1 मोबाइल, कांतीलाल उर्फ कमल (40), हैदराबाद से 3 लाख नगद, 2 मोबाइल, बोनी यामीन (32), मुर्शिदाबाद से 2.50 लाख नगद, 1 मोबाइल, वासुदेव गाडेकर (59), पुणे से 2 लाख नगद, 1 मोबाइल, दिनेश वीरानी (52), नागपुर से 1.50 लाख नगद, 1 मोबाइल, प्रफुल्ल गजभिये (42), नागपुर से 1.50 लाख नगद, 1 मोबाइल, सचित कामले (46), नागपुर से 1 लाख नगद, 1 मोबाइल, सुजीत टेंबेकर (51), गोंदिया से 1 लाख नगद, 1 मोबाइल, माधव असोरे (46), नांदेड़ से 1 लाख नगद, 2 मोबाइल, साहिल नीसवाडे (25), नागपुर से 1 लाख नगद, 1 मोबाइल कुल जप्त समान नगद 1,73,16,000 रुपये, 4 वाहन 1,12,00,000 रूपये , 19 मोबाइल 7,75,000 रुपये, समान व नगदी के कुल 2,92,91,000 रुपये जब्त किए गए है।

इंदौर में भी इसी तरह ठगी का बनाया था प्लान

खुलास पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने इंदौर में भी इसी तरह ठगी का प्लान बनाया था, जो राजगढ़ पुलिस की गिरफ्तारी से फेल हो गया। इससे पहले पश्चिम बंगाल में 50 लाख और दिल्ली में एक पुलिस अधिकारी से भी 50 लाख की ठगी कर चुके हैं।

आरोपियों के ऑफिस उदयपुर, बंगाल, इंदौर, भोपाल, दिल्ली, मुंबई में भी हैं। जप्त मोबाइलों की तकनीकी जांच जारी है। इस कार्रवाई में मुंबई, नांदेड़, लातूर, भदोही, पुणे, हैदराबाद, केरल, तेलंगाना, भोपाल की सिटी पुलिस ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

यह भी पढ़ें- 'भारत सरकार' की इनोवा, नकली CBI कार्ड और 9.8 लाख की ठगी, भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति के ठिकानों पर छापा