
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। एक दिन पहले जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया के साथ की गई अभद्रता व थप्पड़ मारने की घटना के बाद दूसरे दिन शनिवार को दोनों पक्ष एक साथ बैठे। विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व एसपी, एसडीएम एक साथ बैठे। आपसी संवाद के बाद दोनों पक्षों में बकायदा समझौता हुआ व शांति-संयम बरतने व सौहार्द के साथ रहने का आह्वान किया। इसी के साथ दोनों पक्षों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मामले को खत्म करने व आपसी भाईचारे से रहने का संदेश दिया। इसी के साथ विवाद का पटाक्षेप हो गया।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को नरसिंहगढ़ में सांदीपनी स्कूल का लोकार्पण कार्यक्रम था। जिसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया व उपाध्यक्ष पर्वत यादव भी पहुंचे थे। जहां प्रभारी मंत्री व पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में मंच पर हंगामा हो गया था। जब जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को पुलिस सुरक्षा में थाने लेकर जा रही थी तब ही मंच के नीचे खड़े एक बुजुर्ग ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था।
इस घटना के बाद कांग्रेस ने जिलेभर के कार्यकर्ताओं से शनिवार को नरसिंहगढ़ में जुटने का आह्वान किया था। शनिवार को सुबह से ही जिले से कांग्रेस कार्यकर्ता जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पक्ष में भंडारी पैलेस नरसिंहगढ़ पहुंचने लगे थे, तो उधर विधायक निवास पर उनके समर्थक भी जुटने शुरू हो गए थे।
जिपं अध्यक्ष के साथ की गई अभद्रता को लेकर नाराजगी थी। ऐसे में सुबह के समय होटल सोनाकंज में पुलिस-प्रशासन ने पहल करते हुए दोनों पक्षों को एक साथ बैठाया। जिसमें विधायक मोहन शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया व जिला पंचायत उपाध्यक्ष पर्वत यादव, एसपी अमित तोलानी, एसडीएम गोविंद दुबे एक साथ बैठे।
विधायक शर्मा घटना के बाद रात में घटना को लेकर वीडियो जारी कर खेद जता चुके थे। जबकि थप्पड़ मारने वाले बुजुर्ग ने भी वीडियो जारी कर गलती से ऐसा वाक्या होने का जिक्र करते हुए माफी मांगी थी। इसके बाद शनिवार सुबह दोनों पक्षों में बातचीत हुई व बात समझौते तक पहुंची।
सुलह के दौरान एक वीडियो जारी करते हुए विधायक मोहन शर्मा ने कहा कि
"कल नगर में जो घटना घटित हुई है। मुझे बहुत बुरा लगा और मैंने मंच से बार-बार आग्रह भी किया कि शांति बनाकर रखें। जो भी घटना किसी भी व्यक्ति के माध्यम से हुई, जनप्रतिनिधि कोई भी हो वह सम्मानित है। मैं दोनों को हृदय से छोटा भाई मानता हूं। हमेशा दिल से सम्मान किया।"
जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया ने कहा कि
"कल जो घटना घटी उससे बहुत लोगों को दुख व पीड़ा हुई है। घटनाक्रम को लेकर विधायक जी ने खेद व्यक्त किया, मुझे अच्छा नहीं लगा, बुरा लगा। जिन्होंने घटना करी उन्होंने भी क्षमा मांगी है, वह तो 70-80 साल के पिता समान हैं, उनसे हम क्या क्षमा मंगवाएंगे। मेरा सभी भाइयों से निवेदन है कि 12 बजे का जो कार्यक्रम था उसको स्थगित किया जाता है। जिले में, नरसिंहगढ़ नगर में किसी तरह की अशांति न हो। सभी में प्रेम भाव बना रहे। आगे से किसी तरह की दुर्भावना कोई साथी न रखे। प्रेम-प्यार से रहना है। दादा व हमारी दल व विचारधारा भले ही अलग-अलग है, लेकिन प्रेम भाव आपस में है। वह भी सम्माननीय जन प्रतिनिधि हैं।"
जिला पंचायत उपाध्यक्ष पर्वत सिंह यादव ने कहा कि
"कल की घटना को लेकर हमारे मोहन दादा ने भी खेद व्यक्त किया है। आज का जो कार्यक्रम था उसे हम स्थगित करते हैं, यहां बैठकर बातचीत हो चुकी है।"
मेरी बात सुन लो, मैं आपके चरणों में सिर रखकर प्रणाम करता हूं। आपने मेरे लिए समय निकाला, आपके मन में मेरे प्रति भावना है। आप मेरे लोग हो, पार्टी के लोग हो सबको प्रणाम करता हूं। नारायण बाथम ने जो घटना करी थी मेरे साथ वह 70-80 साल के बुजुर्ग हैं, वह हार्ट के पेशेंट हैं और भोपाल भर्ती हैं।
कल जो घटनाक्रम हुआ है शर्मनाक हुआ है। हमारे नगर में इस तरह की घटना नहीं होना चाहिए। किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान नहीं होना चाहिए। हम किसी प्रकार की कोई टिप्पणी न करें, जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचे। यह मेरी सभी से हाथ जोड़कर विनती है। सभी शांतिपूर्वक घरों के लिए जाना कोई बयानबाजी नहीं करना है।