जर्मनी में नौकरी का झांसा देकर कुवैत में 22 लाख की ठगी, तलाश में गोवा, कर्नाटक से रतलाम पहुंचे पीड़ित
जांच करने पर उक्त कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला और दिया गया ऑफर लेटर भी संदिग्ध पाया गया, जिसमें वेतन और नियुक्ति की शर्तें असामान्य थी। रुपये वापस ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 25 Apr 2026 09:10:10 PM (IST)Updated Date: Sat, 25 Apr 2026 09:18:12 PM (IST)
थाने पर शिकायत लेकर पहुंचे कृष्णा और संजोय।HighLights
- गोवा और कर्नाटक से पीड़ित पहुंचे हैं।
- रतलाम ससुराल में छिपने की आशंका।
- जांच औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस करेगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। जर्मनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कुवैत में कार्यरत पीड़ित हजारों किलोमीटर का सफर तय कर शनिवार को रतलाम पहुंचे और एसपी अमित कुमार से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों को आशंका है कि ठगी करने वाला आरोपित रतलाम में अपने ससुराल में छिपा हुआ है। एसपी ने मामले की जांच औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को सौंपी है।
गोवा निवासी कृष्णा पुत्र देमु डोडमनी व कर्नाटक के रायचूर निवासी संजोय पुत्र जगदीश बवाली ने पुलिस को बताया कि उनके एक और साथी हितेश कुमार निवासी बडोदरा (गुजरात) वर्तमान में कुवैत में कार्यरत हैं। कुवैत में सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी मुलाकात राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित मुस्लिम कालोनी, तेहरी मोहल्ला निवासी आरोपित लालजी अकील मोहम्मद हुसैन से हुई, जो एस्पायर कंसल्टेंट कंपनी संचालित करता था।
मई-जून 2025 में आरोपित ने जर्मनी भेजकर अधिक वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया और जर्मन कंपनी का फर्जी ऑफर लेटर उपलब्ध कराया। इस पर विश्वास कर तीनों पीड़ितों से 7 लाख 45 हजार रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से कुल 22 लाख 35 हजार रुपये कार्ड व नकद माध्यम से ले लिए गए।
बाद में जांच करने पर उक्त कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला और दिया गया ऑफर लेटर भी संदिग्ध पाया गया, जिसमें वेतन और नियुक्ति की शर्तें असामान्य थी। रुपये वापस मांगने पर आरोपित ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी और कुवैत में अपनी एजेंसी बंद कर भारत आ गया।
पीड़ितों के अनुसार आरोपित वर्तमान में रतलाम के गीतामंदिर रोड, गुलमोहर कालोनी, समता नगर स्थित अपने ससुर जुल्फीकार रावटी वाला के यहां रह रहा है। जानकारी मिलने पर कृष्णा व संजोय करीब 15 दिन पूर्व रतलाम पहुंचे और ससुर से मुलाकात की।
ससुर ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार करते हुए रुपये वापस दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन आरोपित अकिल का संपर्क नंबर देने से इनकार कर दिया। इसके बाद से न तो कोई संपर्क हुआ और न ही राशि लौटाई गई। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपित ने कुवैत में कई अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की ठगी की है। मामले में जुल्फीकार ने बताया कि हमारा अकिल से कोई संपर्क नहीं है। वह बांसवाड़ा में रहता है।
ठगी के बाद कुवैत में भी की शिकायत
कृष्णा ने बताया कि वह कुवैत में ड्राइवरी करता है और उसकी पत्नी भी वहीं कार्यरत थी। उसे 275 दीनार (करीब 75 हजार रुपये) मासिक वेतन मिल रहा था, जबकि आरोपित ने जर्मनी में 2700 यूरो (करीब 2.5 लाख रुपये) प्रतिमाह वेतन का लालच दिया।
ऑफर लेटर मिलने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी और पत्नी को भी भारत भेज दिया। ठगी का पता चलने पर कुवैत पुलिस में शिकायत की गई। जांच के दौरान जानकारी मिली कि आरोपित रतलाम स्थित अपने ससुराल आता-जाता है। पीड़ितों के अनुसार आरोपित ठगी से पूर्व बड़ी राशि अपने खाते में स्थानांतरित कर भारत भाग आया।
ठगी के मामले की शिकायत मिली है। आवेदन की जांच की जा रही है। पीड़ितों के बयान लिए गए है। दूसरे पक्ष को भी बयान के लिए बुलाया जाएगा।
सत्येंद्र रघुवंशी, थाना प्रभारी।