रतलाम में चलती सीएनजी कार में लगी आग, चालक की मौत; पिता-पुत्री घायल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर चलती सीएनजी कार में आग लग गई। एक ट्राले ने कार को टक्कर मार दी, जिसके बाद कार में आग लग गई और वाहन झुलस गया। ...और पढ़ें
By Ramnath MutkuleEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 05 May 2026 03:02:42 PM (IST)Updated Date: Tue, 05 May 2026 03:04:50 PM (IST)
हाईवे पर सीएनजी कार में आग लग गई। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- एक ट्राले ने कार को टक्कर मार दी, जिसके बाद कार में आग लग गई
- नरेंद्र अपनी बेटी टिशा को परीक्षा दिलाने रतलाम लेकर जा रहे थे
- कार चालक की आग में झुलसने से मौत हो गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बावड़ी के समीप चलती सीएनजी कार में आग लगने की घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर 12.30 बजे एक ट्राले ने कार को टक्कर मार दी, जिसके बाद कार में आग लग गई और वाहन झुलस गया।
दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को जलती हुई कार से बाहर निकाला और इसके साथ ही पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। हादसे में कार चालक 28 वर्षीय रोहित पुत्र जानिया मुनिया की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं झाबुआ के मेघनगर निवासी 48 वर्षीय नरेंद्र पुत्र शांतिलाल राठौड़ और उनकी 23 वर्षीय बेटी टिशा घायल हो गए। नरेंद्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जबकि बेटी को भी चोट आई है। दोनों का उपचार जारी है।
स्वजनों के अनुसार नरेंद्र अपनी बेटी टिशा को परीक्षा दिलाने के लिए रतलाम लेकर जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। यह एक और हादसा मंगलवार को सामने आया है।
धुआं पहुंचते ही गूंजे अलार्म, स्प्रिंकलर फटा तो बरसी पानी की बौछार
धार। धार के जिला अस्पताल में बुधवार को सुरक्षा के नए इंतजामों की झलक देखने को मिली। जैसे ही धुआं स्मोक डिटेक्टर तक पहुंचा, अलार्म गूंज उठे और तापमान बढ़ते ही स्प्रिंकलर से पानी की तेज बौछार शुरू हो गई। सफल ट्रायल के साथ अब अस्पताल आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हो गया है। ट्रामा सेंटर में हुए ट्रायल के दौरान तापमान 63 डिग्री सेल्सियस तापमान आग के ताप को भांपते हुए ही स्प्रिंकलर अपने आप चालू हो गया। कुछ ही सेकंड में पानी की तेज बौछार शुरू हो गई। इस व्यवस्था से आग लगने पर शुरुआती स्तर पर ही उसे नियंत्रित किया जा सकेगा।
धुएं की हल्की आहट पर अलर्ट, पूरे अस्पताल में गूंजा सायरन\Bचिल्ड्रन वार्ड में स्मोक डिटेक्टर की टेस्टिंग के दौरान जैसे ही धुआं सेंसर तक पहुंचा, पूरे अस्पताल में लगे अलार्म बज उठे। इससे साफ हो गया कि अब धुएं की मात्रा भी सिस्टम को सक्रिय कर देगी और तुरंत चेतावनी मिल जाएगी।
हाइड्रेंट पाइप से दूर तक पहुंचा पानी, प्रेशर भी रहा मजबूत
अस्पताल परिसर में फायर हाइड्रेंट पाइप की जांच की गई। 20-20 फीट लंबे पाइप से पानी तेज गति से दूर तक पहुंचा। साथ ही एक लाख लीटर क्षमता वाला टैंक इस सिस्टम को लगातार सपोर्ट देगा, जिससे बड़ी आग की स्थिति में भी पानी की कमी नहीं होगी।
वार्डों में सुरक्षा का जाल, सेंसर-हूटर का नेटवर्क तैयार
अस्पताल के करीब 20 वार्डों में पाइपलाइन, स्प्रिंकलर और स्मोक सेंसर लगाए गए हैं। सैकड़ों सेंसर, कंट्रोल पैनल और हूटर मिलकर एक नेटवर्क के रूप में काम करेंगे। किसी भी कोने में खतरा होने पर पूरा सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाएगा।
स्टाफ को सिखाया गया इस्तेमाल, अब होगा प्रशिक्षण
ट्रायल के दौरान निर्माण एजेंसी के विशेषज्ञों ने डाक्टरों और कर्मचारियों को फायर सिस्टम के उपयोग की जानकारी दी। अब स्टाफ को अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर हर व्यक्ति तुरंत हर विभाग में कार्य कर सके।
मरीजों को राहत, आईसीयू-ट्रामा सेंटर अब ज्यादा सुरक्षित
रोजाना सैकड़ों मरीजों वाले इस अस्पताल में अब सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो गए हैं। खासकर ट्रामा सेंटर और आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्डों में यह सिस्टम बड़ी राहत देगा।
अब हर सेकंड पर नजर, हादसों पर लगेगी लगाम
सफल ट्रायल के बाद जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह तैयार है। आने वाले दिनों में प्रशिक्षण पूरा होते ही ये व्यवस्था पूरी क्षमता से काम करेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देकर नुकसान को कम करने में मदद करेगी। -डॉ. द्वारकाधीश, अस्पताल प्रबंधक