दो पत्नियों के विवाद में फंसा सरकारी आवास, पहली पत्नी की शिकायत पर रतलाम पुलिस ने सील किया H1 ब्लॉक
रतलाम के कनेरी स्थित पुलिस लाइन में गुरुवार दोपहर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने दिवंगत कार्यवाहक प्रधान आरक्षक लक्ष्मण चारेल के नाम आवंटित सरकारी ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 12:54:41 AM (IST)Updated Date: Fri, 13 Feb 2026 12:54:41 AM (IST)
दूसरी पत्नी जमना को बाहर निकालती महिला पुलिसकर्मी।HighLights
- कनेरी पुलिस लाइन में क्वार्टर खाली कराया
- दिवंगत लक्ष्मण चारेल के नाम आवंटित था
- पहली पत्नी ने विभागीय लाभ के लिए शिकायत
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम: प्रधान आरक्षक लक्ष्मण चारेल का लगभग तीन वर्ष पूर्व बीमारी से निधन हो गया था। उनके नाम से आवंटित सरकारी क्वार्टर में उनकी दूसरी पत्नी जमना चारेल अपने दो पुत्रों और दो पुत्रियों के साथ रह रही थीं। विभागीय अभिलेखों में पहली पत्नी मीरा और उनके चार बच्चों का नाम दर्ज है। नियमों के अनुसार मीरा वैध वारिस हैं। क्वार्टर खाली नहीं होने से उन्हें विभागीय लाभ मिलने में परेशानी आ रही थी। उन्होंने आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।
दो वर्षों में 12 नोटिस जारी
जमना चारेल को पिछले दो वर्षों में करीब 12 बार मकान खाली करने के नोटिस दिए गए, लेकिन कब्जा नहीं छोड़ा गया। इसके बाद अधिकारियों ने एक कमेटी गठित कर गुरुवार को संयुक्त कार्रवाई की।
संयुक्त टीम की मौजूदगी में खाली कराया मकान
कार्रवाई के दौरान आरआइ मोहन भर्रावत, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, कमेटी अध्यक्ष ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी, सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल, नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी तथा सूबेदार मोनिका सिंह चौहान पुलिस बल और फायर ब्रिगेड के साथ मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों ने घर का सामान बाहर निकलवाकर मकान सील कर दिया। इस दौरान परिवार के सदस्य भावुक हो उठे।
नियमानुसार अधिकतम छह माह की अनुमति
नियमों के अनुसार किसी भी पुलिसकर्मी के निधन के बाद स्वजनों को अधिकतम छह माह तक क्वार्टर में रहने की अनुमति होती है। RI मोहन भर्रावत ने बताया कि परिवार के लिए त्रिपोलिया गेट के समीप एक सप्ताह की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।