
नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस की तत्परता से एक साल के मासूम की जान बच गई। खेलते-खेलते घर में पिलर के लिए खोदे गए 10 फीट गहरे और सिर्फ 1 फीट चौड़े गड्ढे में गिरे बच्चे को पुलिस और ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में गोविंदगढ़ पुलिस की तारीफ हो रही है।
घटना ग्राम चुआ के महाजन टोला की है। यहां रहने वाले बाबू केवट का 1 साल का बेटा शिवेंद्र केवट घर के आंगन में खेल रहा था। घर में पिलर डालने के लिए 10 फीट गहरा और करीब 1 फीट चौड़ा गड्ढा खोदा गया था। खेलते-खेलते शिवेंद्र अचानक उसी गड्ढे में जा गिरा। घबराए परिजनों ने तुरंत डायल 112 और गोविंदगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गोविंदगढ़ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए रेस्क्यू शुरू किया। गड्ढा सीधा और सिर्फ 1 फीट चौड़ा था, इसलिए जेसीबी से खुदाई करना खतरनाक था। मिट्टी धंसने से बच्चे की जान को खतरा हो सकता था।
पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बगल से नया गड्ढा खोदने का फैसला लिया। पुलिस जवानों और गांव के युवाओं ने फावड़े और कुदाल से खुदाई शुरू की। करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद बगल से 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया। इसके बाद पुलिस के एक जवान ने बेहद सावधानी से बच्चे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।

गड्ढे से निकालते ही बच्चे को पानी पिलाया गया और प्राथमिक जांच की गई। गनीमत रही कि शिवेंद्र को कोई गंभीर चोट नहीं आई। उसे मामूली खरोंच आई थीं। पुलिस ने तुरंत 108 एंबुलेंस बुलाकर बच्चे को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया।
बच्चे के सकुशल बाहर आने पर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए। शिवेंद्र के पिता बाबू केवट ने कहा, पुलिस और गांव वाले देवता बनकर आए। अगर 10 मिनट भी देर हो जाती तो अनहोनी हो सकती थी। गोविंदगढ़ थाना पुलिस का हम जिंदगी भर एहसान नहीं भूलेंगे।
घटना की जानकारी लगते ही एसपी गुरुकरण सिंह ने गोविंदगढ़ थाना टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पुलिस का पहला काम जनता की जान बचाना है। गोविंदगढ़ पुलिस ने जिस सूझबूझ और तेजी से काम किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
इस घटना के बाद गोविंदगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घरों में निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढों को खुला न छोड़ें। उन्हें तुरंत ढंक दें या चारों तरफ घेराबंदी कर दें। छोटे बच्चों पर खास नजर रखें। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।गांव के सरपंच ने भी माना कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना जरूरी है। पुलिस की तत्परता से आज एक घर का चिराग बुझने से बच गया।