
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। सरकारी खजाने पर डाका डालने का एक बड़ा मामला सीधी जिले में सामने आया है। यहां एक ही व्यक्ति कई शासकीय विभागों में नौकरी कर एक साथ मानदेय ले रहा है।
शिकायतकर्ता ने इस पूरे गड़बड़झाले की शिकायत जिला मुख्यालय से लेकर भोपाल तक की है। एनआरएलएम और जिला पंचायत की सोशल ऑडिट शाखा में एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ इस तरह की शिकायत मिली है। मामले का भंडाफोड़ होते ही दोनों विभागों में हड़कंप मच गया है।
शिकायत के बाद जिला पंचायत और एनआरएलएम के अफसरों के हाथ-पैर फूल गए हैं। जिला पंचायत के सीईओ शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने मामले की जांच एडिशनल सीईओ धनंजय मिश्रा को सौंप दी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जिला पंचायत में सोशल ऑडिट का पद और एनआरएलएम में सीआरपी व मास्टर ट्रेनर का पद है। दोनों कार्यालयों का काम करने का समय एक ही है। इसके बावजूद एक ही व्यक्ति दोनों जगह ड्यूटी कर रहा है और दोनों जगह से मानदेय ले रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक कर्मचारी ने महीने में 32 दिन का कार्य दिवस दिखाकर मानदेय लिया है। एनआरएलएम में वह एक माह में 20 दिन 'एक बगिया मां के नाम', 10 दिन 'कृषि सखी' और 2 दिन 'किसान पाठशाला' का मानदेय ले रहा है।
वहीं दूसरी तरफ वही व्यक्ति शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग में, प्रदान संस्था में और जिला पंचायत की ऑडिट शाखा में बीएसए के पद पर पदस्थ होकर भी शासन से मानदेय उठा रहा है।
मामले में भाजपा की दो महिला पदाधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। शिकायत में जिला भाजपा मंत्री उर्मिला साकेत और बरमबाबा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष व चौफाल मंडल उपाध्यक्ष अनीता गुप्ता का नाम शामिल है। आरोप है कि दोनों एनआरएलएम और सोशल ऑडिट शाखा से एक साथ मानदेय प्राप्त कर रही हैं।
शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि एनआरएलएम और जिला पंचायत की बीएसए में एक ही महिला दो अलग-अलग नामों से काम कर रही है। दोनों जगह उसके दस्तावेज भी अलग-अलग हैं।
अगर जांच में यह सही पाया गया तो कूटरचित दस्तावेज बनाने के आरोप में उस पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस पूरे खेल की जानकारी है, इसके बावजूद दोनों जगह मानदेय दिया जा रहा है और बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मामला भोपाल तक पहुंचने के बाद जिला पंचायत के पूर्व सोशल ऑडिट प्रभारी अब अपना बचाव करने में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि वे बीएसए से प्रमाण पत्र मांग रहे हैं कि संबंधित बीएसए सिर्फ एक ही जगह कार्य कर मानदेय ले रहा है, दूसरी जगह से नहीं लिया है।
इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा इस पूरे मामले की शिकायत हमें प्राप्त हुई है। जिसके बाद हमने एडिशनल सीईओ को जांच सौंप दी है। वहीं एनआरएलएम के डीपीएम पुष्पेंद्र सिंह ने बताया इस पूरे मामले की जांच जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ द्वारा की जा रही है।
फिलहाल एडिशनल सीईओ धनंजय मिश्रा द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों से वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हो सकता है।
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