खाकी फिर दागदार, एएसआई पर नाबालिग से घर में घुसकर छेड़खानी का आरोप, पुलिस महकमे में हड़कंप
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय एएसआई नशे की हालत में थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी आरती सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिक ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 04:06:17 PM (IST)Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 04:09:55 PM (IST)
नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप।HighLights
- आरोप है कि एएसआई उसके चाचा की पूछताछ के बहाने अंदर दाखिल हुए।
- घर में घुसने के बाद उन्होंने कथित तौर पर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।
- पीड़िता ने बताया एएसआई राकेश वर्मा ने उसका हाथ पकड़कर घसीटा।
नईदुनिया प्रतिनिधि,रीवा। जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली और शुचिता पर सवाल उठाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ बिछिया थाने में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक पर 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने घर में घुसकर छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस घटना ने एक बार फिर खाकी वर्दी को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता के अनुसार, रविवार की शाम करीब 4:30 बजे जब वह घर पर अकेली थी, तब बिछिया थाने में पदस्थ एएसआई राकेश वर्मा उसके घर पहुंचे। नाबालिग का आरोप है कि एएसआई उसके चाचा के बारे में पूछताछ करने के बहाने अंदर दाखिल हुए। घर में घुसने के बाद उन्होंने कथित तौर पर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। पीड़िता ने बताया कि एएसआई ने न केवल उसका हाथ पकड़कर घसीटा, बल्कि उसे बिस्तर (पेटी) पर पटक दिया और उसके साथ दरिंदगी की कोशिश की।
ताला बंद कर भागने का आरोप
नाबालिग ने अपनी शिकायत में बताया कि विरोध करने पर उसने एएसआई को धक्का दिया और भागकर छत पर चढ़ गई। इसके बाद आरोपी एएसआई ने कथित तौर पर घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा दिया और वहां से चले गए। बाद में देर रात दोबारा आकर उन्होंने चाबी दरवाजे पर ही टांग दी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय एएसआई नशे की हालत में थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी आरती सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, एएसआई राकेश वर्मा उस समय 'कॉम्बिंग गश्त' पर थे और एक आदतन अपराधी 'चतुर उर्फ साकिब खान' की जांच के सिलसिले में उसके घर गए थे।
एएसपी ने बताया कि एएसआई का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, जिसमें फिलहाल नशे की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी कोतवाली सीएसपी राजीव पाठक को सौंपी गई है।
एएसआई ने आरोपों को बताया षड्यंत्र
दूसरी ओर आरोपी एएसआई राकेश वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया है।
उनका कहना है कि वे केवल एक शिकायत की जांच के लिए अपराधी के घर गए थे और वहां अपराधी मौजूद नहीं था, इसलिए वे वापस लौट आए।
एएसआई का दावा है कि अपराधी परिवार पुलिस का मनोबल गिराने और जांच से बचने के लिए उन्हें रंजिशवश झूठे मामले में फंसा रहा है।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस विभाग मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।