
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां आवारा घोड़े से परेशान ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए उसे थाने के मुख्य द्वार पर बांध दिया।
गांव के चौकीदार संतोष त्रिपाठी ने इस आवारा घोड़े को अमिलिया थाने के मुख्य गेट के सामने लगे बोर्ड से बांधा और चले गए। घटना करीब दो घंटे तक चर्चा का विषय बनी रही, क्योंकि इस दौरान घोड़े का कोई मालिक उसे लेने नहीं आया।
ग्रामीणों के मुताबिक आवारा घोड़ा पिछले कई दिनों से गांव में घूम रहा था। वह खेतों में घुसकर फसलें खराब कर रहा था, राह चलते लोगों को परेशान करता था और सड़क पर दौड़कर वाहनों को भी नुकसान पहुंचा रहा था। ग्रामीणों ने कई बार उसके मालिक की तलाश की, लेकिन कोई सामने नहीं आया।
अमिलिया निवासी शेख मोहम्मद ने बताया कि घोड़े के कारण किसानों को लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है। खेती गांव के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है और घोड़ा कई खेतों की फसलें चौपट कर चुका है।
चौकीदार संतोष त्रिपाठी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से घोड़ा लगातार उत्पात मचा रहा था। उसने फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ बच्चों को धक्का मारा और कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया।
लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने पर उन्होंने घोड़े को अमिलिया थाने के मुख्य गेट के सामने लगे बोर्ड से बांध दिया, ताकि प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर जाए।
अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि सूचना मिलने के बाद चौकीदार को बुलाकर घोड़े को थाने के सामने से हटवा दिया गया। उन्होंने कहा कि बाद में चौकीदार घोड़े को कहां ले गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
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