भोपाल से 3 घंटे में पहुंचा 'फोमेपिजोल' एंटीडोट, सागर शराब कांड में 15 से ज्यादा मरीजों की बची जान
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मिथाइल अल्कोहल के प्रभाव को रोकने वाले एंटी डोट से गंभीर मरीजों का उपचार किया गया। 6 मरीज वेंटिलेटर से हटाए गए और करीब 15 म...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 09 Sep 2026 11:21:01 PM (IST)Updated Date: Wed, 09 Sep 2026 11:21:01 PM (IST)
फोमेपिजोल एंटी डोट ने 15 से ज्यादा मरीजों की जान बचाई गई। नईदुनिया।HighLights
- अस्पताल पहुंचे फोमेपिजोल एंटीडोट से 15 से ज्यादा मरीजों को राहत
- भोपाल से 10 फोमेपिजोल इंजेक्शन करीब तीन घंटे में सागर पहुंचाए गए
- छह मरीज वेंटिलेटर से हटाए गए और करीब 15 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। जहरीली शराब से हुई मौतों के बीच बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में फोमेपिजोल एंटी डोट ने 15 से ज्यादा मरीजों की जान बचाई है। जहरीली शराब में मौजूद मिथाइल अल्कोहल के प्रभाव को रोकने वाले इस इंजेक्शन की प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में उपलब्धता नहीं थी।
जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल और बीएमसी डीन डा. पीएस ठाकुर के समन्वय से भोपाल के दवा विक्रेता से 10 इंजेक्शन महज तीन घंटे में सागर मंगाए गए।
15 मरीज डिस्चार्ज
बीएमसी में गंभीर मरीजों के पहुंचते ही चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। एक इंजेक्शन से तीन मरीजों को डोज दिया गया। इलाज में फोमेपिजोल के साथ डायलिसिस का भी उपयोग किया गया। मंगलवार-बुधवार को छह मरीजों को वेंटिलेटर हटाया गया। जबकि करीब 15 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
खरोरा खुर्द निवासी प्रीतम अहिरवार को सबसे पहले फोमेपिजोल दिया गया था। उनकी हालत बेहद गंभीर थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसी तरह तिंसी निवासी 18 वर्षीय नीतेश लोधी और ककरट निवासी मुकेश लोधी की हालत भी उपचार के बाद खतरे से बाहर है।
मिथाइल अल्कोहल को किया निष्क्रिय
बीएमसी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. मनीष जैन ने बताया कि फोमेपिजोल मिथाइल अल्कोहल को जहरीले पदार्थ में बदलने की प्रक्रिया को रोकता है। जिसके 10 डोज और बुलाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मिथाइल अल्कोहल के प्रभाव को कम करने के लिए एथेनॉल अल्कोहल को कंसंट्रेटेड कर डिस्टल वॉटर में डालकर स्लाइन के माध्यम से मरीजों को दिया गया था, जिस उनकी हालात में सुधार आया है।