
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। नरयावली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर राजनीतिक गलियारों में चर्चा बटोरने वाली रेशु उर्फ अभिलाषा चौधरी अब हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इंदौर में एक शराब कारोबारी को जाल में फंसाकर एक करोड़ रुपये की मांग के मामले में श्वेता विजय जैन के बाद अब रेशु का नाम भी सामने आया है। मकरोनिया निवासी रेशु को इस नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है, जिसकी पहुंच सागर से लेकर इंदौर तक बताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान मिले डिजिटल और इंटरनेट मीडिया कनेक्शन के आधार पर रेशु से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने किन-किन लोगों को निशाना बनाया। श्वेता विजय जैन पहले भी चर्चित हनी ट्रैप प्रकरण में सजा काट चुकी है और वर्तमान में जमानत पर है। रेशु लंबे समय से भाजपा नेताओं, अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आने की कोशिश करती रही। इसके लिए उसने इंटरनेट मीडिया को प्रमुख माध्यम बनाया। अंग्रेजी में प्रभावी बातचीत और खुद को प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी से जुड़ा बताकर वह अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास करती थी।
शुरू किया था कोचिंग संस्थान भी। इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल में वह खुद को कभी यूपीएससी प्री परीक्षा क्वालिफाइड, तो कभी एमपीपीएससी प्री-2016 पासआउट बताती थीं। कुछ प्रोफाइल में उसने रेवेन्यू सर्विस में चयनित होने का दावा भी किया। वर्ष 2016 में उसने “ब्रह्मपुत्र आईएएस अकादमी” नाम से कोचिंग संस्थान भी शुरू किया था, जो कुछ समय बाद बंद हो गया।
कोविड काल में वह कई भाजपा नेताओं और एक विधायक के साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय दिखाई दी थीं। उस दौरान उसकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए थे, जिससे उसकी राजनीतिक पहुंच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। चर्चा यह भी रही कि भोपाल के एक बड़े भाजपा नेता के संपर्क में आने के बाद उसने नरयावली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी।
क्षेत्र में होर्डिंग्स लगवाकर उसने अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई थी। हालांकि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदीप लारिया को प्रत्याशी बना दिया और उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं अधूरी रह गईं। फिलहाल इंदौर पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से किसी बड़े खुलासे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले के सामने आने के बाद सागर के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
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