सागर में जहरीली शराब से अब तक 22 की मौत, भाजपा नेता ही करता था सप्लाई
सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब कांड से 22 मौतों के बाद गांवों में मातम है। सैकड़ों मरीज अस्पताल पहुंचे, जबकि कथित शराब सप्लाई नेटवर्क की जांच जा...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 08:02:59 AM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 12:47:04 PM (IST)
सागर में जहरीली शराब से अब तक 21 की मौत। (नईदुनिया)HighLights
- जहरीली शराब कांड में अबतक 22 लोगों की मौत हुई।
- बंडा अस्पताल में सौ से अधिक मरीज भर्ती किए गए।
- प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सर्वे किया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर : सागर में शराब कांड की वजह से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान जांच में भाजपा नेता और तितरवारा सरपंच चंदू सिंह राजपूत का नाम सामने आया है कि वह बरायठा सहित मृतकों के सभी गांव में यही शराब सप्लाई करता था। मृतक के गांव वालों ने बताया कि रात में ठेकेदारों की गाड़ियां गांव में अपने अपने-लोगाें के पास शराब की डिलेवरी देने आते थे।
अकेले गूगरा खुर्द में ही प्रतिदिन ढाई से अधिक शराब की पाव की बिक्री होती थी। शराब माफिया हर गांव में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर शराब मुहैया कराते हैं। एक पाव की कीमत 70 से 120 रुपये तक होती है। जहरीली शराब से मौतों के बाद रविवार देर शाम प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल सागर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। देर शाम अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य दीपाली रस्तोगी भी सागर पहुंची।
बंडा अस्पताल में सौ से अधिक मरीजों को किया गया भर्ती
- दरअसल बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से शनिवार सुबह से ही लोगों की तबीयत खराब होने का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार दोपहर तक लोग मरने लगे थे। जहरीली शराब के सेवन से मरने के कुछ देर बाद से ही मृतकाें का शरीर नीला पड़ने लगा था।
- बंडा अस्पताल में ही रविवार को सौ से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सागर रेफर किया गया। तड़के सुबह ही सीएमएचओ डा. देवेश पटैरिया स्वास्थ्य अमले को लेकर बंडा पहुंचे, जहां प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर घर-घर सर्वे किया गया, और बीमार लोगाें को बंडा अस्पताल लाया गया।
घरों में नहीं जले चूल्हे
- गूगरा, बमूरा, नाैराज जैसे गांवों में एक से अधिक मौत होने के बाद पूरे गांव में मातम पसरा रहा। सरकार के प्रति लोगों में गुस्सा साफ तौर पर देखा गया।
- गांव में जब चार-चार अर्थियां उठीं तो देखने वाले की आंखें नम हो गई। गांव के मुक्तिधाम में जगह कम पड़ गई। शाम तक चिताएं जलती रहीं। जहरीली शराब ने गांव के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक को निगल लिया। बाहुबली शराब माफिया से डर के चलते गांव वाले उनका विरोध तक नहीं करते थे।
एक बेड पर 2-2 मरीजों को करना पड़ा भर्ती
- तीस बिस्तरों के बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जहरीली शराब पीकर भर्ती बीमार हुए मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में पलंग कम पड़ गए। बीएमसी से डाक्टरों की बुलाना पड़ा। मर्चुरी में शव रखने की जगह नहीं थी। पीएम हाउस के बाहर गाड़ियों में शव घंटों पड़े रहे।
- मर्चुरी में केवल एक डाक्टर होने के कारण पीएम में भी काफी देर लगी। मृतक उजयार सिंह के साले वीर सिंह ने बताया कि उनके जीजा की मृत्यु शनिवार शाम को हो गई थी, तभी से शव को बंडा की मर्चुरी में रखवा दिया गया था, लेकिन दूसरे दिन 12 बजे तक शव का पीएम नहीं हो पाया।
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जहरीली शराब की भेंट चढ़ा घर का मुखिया
पाटन रोशन सिंह लोधी अपने घर का इकलौता कमाने वाला शख्स था। उसके माता-पिता की मृत्यु के बाद वह अपनी नानी के घर में रहता था। और मजदूरी कर अपनी नानी और पत्नी सहित दो बच्चों का पालन पोषण करता था। रोशन का एक बेटा दिव्यांग है। रोशन के रिश्तेदारों ने प्रशासन ने आर्थिक मदद की गुहार लगाई।
महिला श्याम बाई भी मृतकों में शामिल
1. बंडा छापरी निवासी विठ्ठल अहिरवार का आरोप है कि मां श्याम बाई ने रात में शराब पी थी। वह लंबे समय से शराब पी रही थी, जिसके बाद सीने में दर्द हुआ था। शरीर अकड़ गया। बीएमसी में मौत हो गई।
2. पपेट निवासी कृष्ण कुमार लोधी उम्र 33 साल पिता उमेद सिंह लोधी के बड़े भाई माखन सिंह लोधी ने बताया कि रविवार को सुबह और शनिवार शाम शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ी थीम उनके सीने में दर्द हुआ कमर में दर्द हुआ और आंखों से दिखाई देना बंद हो गया, जिसके बाद गंभीर हालत में सीधे शाम करीब 6:00 बजे बीएमसी लेकर पहुंचे थे जहां उनकी मौत हो गई है।
3. कैलाश अहिरवार 40 साल निवासी छापरी की मौत हुई है। कैलाश और श्याम बाई बुआ भतीजे है। कैलाश ने शनिवार को शराब पी थी।
4. भगवान सिंह लोधी पुत्र विजय सिंह निवासी गुगरा खुर्द उम्र 35 साल की मौत, इनके बड़े भाई उजियार सिंह पुत्र विजय सिंह की रविवार को मौत हुई थी। भगवान सिंह का दो साल का बालक।उजियार सिंह की मौत होने के कारण परिवार कार्यक्रम में व्यस्त थे, भगवान के लिए बंडा अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
घबराहट के कारण वह वापस घर आ गए थे।