29 मौतों के बाद सागर में बड़ा एक्शन, जहरीली शराब के मुख्य आरोपियों के घर चला प्रशासन का बुलडोजर
सागर जहरीली शराब कांड में 29 मौतों के बाद प्रशासन ने आरोपितों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने नकली शराब फैक्ट्री और सामग्री बरामद की।
Publish Date: Thu, 10 Sep 2026 01:38:55 PM (IST)Updated Date: Thu, 10 Sep 2026 01:47:08 PM (IST)
29 मौतों के बाद सागर में बड़ा एक्शन। (नईदुनिया)HighLights
- जहरीली शराब कांड में 29 लोगों की मौत के बाद कार्रवाई।
- मुख्य आरोपित मनीष लोधी के घर प्रशासन पहुंचा।
- चंदू राजपूत के घर भी बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। जहरीली शराब से 29 लोगों की मौत के बाद सरकार का बड़ा एक्शन शुरू हुआ है। प्रशासन का बुल्डोजर आज मौत के गुनाहगारों के घर तक पहुंच गया। थोड़ी देर पहले राजस्व और पुलिस के भारी बंदोबस्त के बीच प्रशासन की टीम मुख्य आरोपित आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर के बंडा स्थित घर पहुंची है। वहीं ततरवारा सरपंच चंद्र भान उर्फ चंदू सिंह राजपूत के घर पर भी कार्रवाई के लिए टीम पहुंच गई है।
नगर परिषद बंडा व राजस्व अमले ने मंगलवार-बुधवार को आरोपितों के घरों का सीमांकन किया था। मंगलवार को ततरवारा निवासी आरोपित चंद्र भान उर्फ चंदू सिंह राजपूत के मकान की मार्किंग की गई थी। बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में आरोपित मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर के मकान की नपती हुई है। उसके बाद दोनों को नोटिस भी दिया गया। इस कांड में चंदू राजपूत गिरफ्तार है, लेकिन मनीष लोधी फरार है।
मनीष लोधी फरार, गिरफ्तारी पर 20 हजार का इनाम
- पुलिस के अनुसार आरोपित मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर शराब की नई खेप बनवाने के बाद बिहार चला गया था। वहां से लौटते समय सतना में उसको मौतों की जानकारी हुई। वह वहीं से फरार हो गया।
- छतरपुर के महेवा निवासी रवि लखेरा और छापरी निवासी शिवान्जय राजपूत भी फरार बताया है। मनीष लोधी और रवि लखेरा की गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
मक्के के खेत में तैयार हुई थी जहरीली शराब की 50 पेटियां
- पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस शराब से मौते हुई हैं उसकी पचास पेटियां ततरवारा गांव स्थित मक्के के खेत में संचालित अवैध फैक्ट्री में तैयार हुईं थीं। आरोपित चंदू राजपूत का संपर्क बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर से था। वहीं मनीष लोधी अंतरराज्यीय शराब तस्कर छतरपुर निवासी रवि लखेरा के संपर्क में था।
यह वही रवि लखेरा है, जिसे चार मई 2026 को ललितपुर पुलिस ने नकली शराब की फैक्ट्री संचालित करते पकड़ा था। जेल से छूटने के बाद वह सागर में नई फैक्ट्री डालने की कोशिश में था। रवि लखेरा ने ही स्पिरिट से सस्ती शराब बनाने का तरीका सिखाया था।
मनीष लोधी और रवि लखेरा ने चंदू राजपूत को स्पिरिट, खाली शीशियां और रैपर सहित अन्य सामग्री उपलब्ध कराई। इसके बाद चंदू राजपूत, उसके रिश्तेदार शिवान्जय और मनीष लोधी ने जन्माष्टमी से दो दिन पूर्व ही सागर गोल्ड का नकली रैपर लगाकर 50 पेटी नकली शराब तैयार की।
मिथाइल अल्कोहल की मात्रा की बढ़ाए जाने से यह शराब जहरीली हो गई थी। आरोपितों ने पैकेजिंग मशीन भी बुलाई गई थी, जिससे शराब की शीशियों को सील पैक किया जाता था, ताकि वह असली की तरह लगे। कार्रवाई की भनक लगते ही चंदू राजपूत और उसके परिवार के सदस्यों ने अवैध शराब तथा शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया।
फिर भी पुलिस को 147 लीटर शराब, सागर गोल्ड की 164 सीसियां, 27 हीटर, करीब 170 ढक्कन, 150 लेबल, शराब मापने का यंत्र, फेवीकोल, टेप, ब्लेड, शराब भरने की छोटी-बड़ी दो चुग्गियां और 11 कार्टून बरामद किया है। अपने आदमियों के जरिये गांव गांव पहुंचाया
शिवान्जय, मनीष और चंदू ने अपने आदमियों के जरिए नौराज, गूगरा, पाटन, छापरी और आसपास के गांवों में यह शराब उपलब्ध कराया। इस नकली शराब को 50 रुपए में बेचा जा रहा था, ढ़ाबों के लिए यह शराब 30 रुपये में उपलब्ध थी। जबकि दुकान पर इसकी कीमत 70 रूपए तक है।