
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। आवासीय सरकारी बालिका विद्यालय में सब्जी विक्रेता अल्ताफ द्वारा कक्षा आठ में पढ़ने वाली बालिका से दुष्कर्म की घटना में विद्यालय स्टाफ साक्ष्य छुपाने में जुटा है। विद्यालय में वैसे तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन बालिका ने अपने साथ दुष्कर्म होने का जो दिन पुलिस को बताया है, उस दिन का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है। विद्यालय के कर्मचारियों का कहना है कि उस दिन कैमरा खराब होकर बंद हो गया था। पुलिस कर्मचारियों के कथन की जांच कर रही है।
दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद मंगलवार को खुरई तहसीलदार जांच टीम के साथ छात्रावास पहुंचे। इस दौरान छात्रावास की वार्डन, सहायिका और चौकीदार के बयान हुए। पीड़िता ने बताया है कि सब्जी पहुंचाने वाले अल्ताफ ने उसके साथ पहली बार 24 सितंबर 2025 को दुष्कर्म किया। अधिकारियों ने उस दिन के सीसीटीवी फुटेज मांगे तो बताया गया कि वे उपलब्ध ही नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि उस दिन वर्षा के कारण सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे।
आशंका है कि आरोपित की सहूलियत के लिए किसी कर्मचारी की मिलीभगत से सीसीटीवी कैमरे बंद किए गए होंगे। बता दें कि बालिका से दुष्कर्म का राजफाश एक फरवरी को तब हुआ, जब पेट दर्द की शिकायत के बाद उसके स्वजन उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल डॉक्टर को दिखाने के लिए ले गए। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर भोपाल के कोहेफिजा थाने की पुलिस ने जीरो पर एफआईआर कर डायरी खुरई थाने को भेजी।
इसी आवासीय विद्यालय की चार छात्राओं ने पिछले साल एक गंभीर शिकायत की थी। उनका कहना था कि तत्कालीन छात्रावास अधीक्षिका का बेटा उनके साथ छेड़छाड़ करता है। प्रशासन ने अधीक्षिका को तो हटा दिया, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनाई, जिससे ऐसे गंदे हाथ बेटियों की अस्मत तक न पहुंचे।
आदिवासी बालिका से दुष्कर्म के इस मामले में कांग्रेस आक्रामक है। पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव अंशुल सिंह परिहार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुरई में प्रदर्शन किया। लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच बजरंग दल ने छात्रावास के वार्डन, सहायक वार्डन और चौकीदार पर कार्रवाई नहीं होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।