सतना में जंगल के रक्षक बने भक्षक : 100 पेड़ों की कटाई के बाद सबूत मिटाने जंगल में आग लगाने की आशंका
20 साल से पुराने करीब 100 पेड़ों को योजनाबद्ध तरीके से काटा गया और सबूत मिटाने के लिए जंगल में आग लगवा दी गई। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 26 Apr 2026 10:42:34 AM (IST)Updated Date: Sun, 26 Apr 2026 10:50:08 AM (IST)
जंगल में पेड़ों की कटाई के बाद आग लगाई गई।HighLights
- महतैन बीर क्रमांक 138-139 में 100 पेड़ों की कटाई
- पेड़ों की कटाई के तुरंत बाद जंगल में आग लगाई गई
- डीएफओ मयंक चांदीवाल ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया
नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। वनों की रक्षा का दायित्व जिन कंधों पर है, वही अब जंगलों के विनाश की कहानी लिखते नजर आ रहे हैं। वनमंडल सतना के चित्रकूट उप वन मंडल अंतर्गत बरौंधा रेंज से सामने आया मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि पूरे वन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में बड़े स्तर पर पौधरोपण का दावा किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। आरोप है कि वर्षों पुराने, लगभग 20 साल से अधिक आयु के सैकड़ों पेड़ों को योजनाबद्ध तरीके से काट दिया गया। इतना ही नहीं, इन पेड़ों की कटाई के निशान मिटाने के लिए जंगल में आग लगवा दी गई, ताकि पूरा मामला ‘प्राकृतिक आग’ का रूप ले सके। बताया गया है कि यह पूरा घटनाक्रम 14 से 17 तारीख के बीच की बताई जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई और आगजनी के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई? जानकारों का मानना है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के इतनी बड़ी अनियमितता संभव नहीं है। विभाग की ‘खामोशी’ कई सवालों को जन्म दे रही है।
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आकंड़े बता रहे सुनियोजित हुआ यह सब
आंकड़ों से साफ संकेत मिलते हैं कि मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि सुनियोजित अनियमितताओं का हो सकता है। महतैन बीर क्रमांक 138-139 में लगभग 100 पेड़ों की कटाई, मोहनी बीर के कक्ष क्रमांक 89 में करीब 27 हेक्टेयर क्षेत्र में संदिग्ध कार्य एवं महतैन बीर के कक्ष 184 में लगभग 15 हेक्टेयर क्षेत्र को छोड़कर भुगतान की प्रक्रिया की गई।
आग से दबाया गया सच?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई के तुरंत बाद जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ीं। इससे यह आशंका और गहराती है कि सबूतों को मिटाने के लिए आग का सहारा लिया गया।
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जांच की मांग तेज
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ जंगल ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात होगा।
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विभाग की संलिप्तता
बिल्कुल ऐसा किया गया है और मेरे पहुंचने के पहले ही वह आग लगा दी गई है। इसमें विभाग की भी संलिप्तता है। 27 तारीख को हम लोग उच्च स्तरीय विभागीय जांच की मांग करेंगें। - संजय सिंह कछवाह, सदस्य जिला पंचायत सतना
जांच करवाते हैं
झाड़-झंखार आदि हटाने के लिए हो सकता है काटे गए हो। लेकिन जांच करवाते हैं। - अभिषेक तिवारी, उपवनमण्डल अधिकारी, चित्रकूट
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी
इस मामले की गंभीरता के साथ जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - मयंक चांदीवाल, डीएफओ सतना