
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। लोकायुक्त टीम रीवा ने जिला न्यायालय परिसर में जिला लोक अभियोजन अधिकारी को दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। यह कार्रवाई जिला न्यायालय परिसर के सामने पार्किंग स्थल क्षेत्र में की गई है। आरोपित के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
एसराम मरावी निरीक्षक ने बताया कि पंकज कुमार तिवारी पुत्र राघवेंद्र प्रसाद तिवारी 36 वर्ष निवासी टेकर ने 9 जुलाई को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत आवेदन प्रस्तुत कर शिकायत की थी कि उसके एक प्रकरण में अभिमत देने के एवज में जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा बीस हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाया गया। शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपित द्वारा आवेदक से आठ हजार रुपये ले लिए और दस हजार रुपये और रिश्वत की मांग की गई।
जिस पर 13 जुलाई को उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में टीम गठित कर ट्रैप कारवाही का आयोजन किया गया। जिसमें आरोपित राजकुमार रावत जिला अभियोजन अधिकारी, को शिकायतकर्ता से दस हजार रुपये रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया है |
शिकायतकर्ता पंकज कुमार तिवारी द्वारा थाना मझौली में 07 जुलाई 23 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत प्रस्तुत आवेदन पर जानकारी प्रदान करने के लिए सहायक उप निरीक्षक कमलेश त्रिपाठी द्वारा आवेदक से 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
आरोपित 30 अगस्त 25 को आवेदक पंकज कुमार तिवारी से बीस हजार रुपये लेते हुए रंगे पकड़ा गया था। आरोपित सहायक उपनिरीक्षक कमलेश त्रिपाठी के विरुद्ध पंजीबद्ध प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है।
लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। आमजन से अपील है कि रीवा एवं शहडोल संभाग में किसी भी अधिकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग करने पर लोकायुक्त पुलिस रीवा को मोबाइल नंबर 98936 07619 पर परामर्श हेतु संपर्क कर सकते है ।