
बरघाट/सिवनी। जिले में बेमौसम बारिश व आंधी तूफान ने किसानों व आम नागरिकों की मुसीबत बढ़ा दी हैं। दो दिन पहले जिला मुख्यालय सहित लखनादौन घंसौर व केवलारी के पलारी इत्यादि क्षेत्रों में कुछ देर तेज बारिश से मौसम में ठंडक आ गई थी। वहीं 3 अप्रैल को सिवनी-बालाघाट मार्ग पर स्थित बरघाट के आसपास आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश ने कोहराम मचा दिया।
तेज बारिश के दौरान कई किलोमीटर की गति से चली तेज हवाओं व आंधी ने बड़े-बड़े पेड़ों को धराशायी कर दिया। घरों के छप्पर, टीनशेड सहित बिजली लाइनें व खंभे को क्षति पहुंची हैं।
बरघाट नगर के श्याम पेट्रोलियम के पास बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने व पेड़ों के टूटकर गिरने के कारण सिवनी बालाघाट मार्ग में आवागमन लगभग दो घंटे तक अवरूद्ध रहा।
वहीं बरघाट थाना अंतर्गत मंडी गांव तथा कान्हीवाड़ा के उड़ेपानी में गाज गिरने से दो लोगों की मौत गई हैं। इसमें एक 6 वर्षीय बालक भी शामिल हैं।
घंसौर, कहानी, लखनादौन, धनोरा, बरघाट सहित कई स्थानों पर झमाझम वर्षा हुई, धूमा क्षेत्र में ओलावृष्टि की भी खबर है। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन इस अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
बरघाट नगर व आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार शाम आंधी-तूफान व तेज वर्षा ने व्यापक नुकसान होने की बात कही जा रही हैं। तेज अंधड़ के कारण दर्जनों पेड़ व 25 से अधिक विद्युत पोल धराशायी हो गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया, यातायात बाधित हुआ व कई इलाकों में अंधेरा छा गया।
तेज आंधी के कारण कई घरों के छप्पर और टिन शेड हवा में उड़ गए। पेड़ व पोल गिरने के कारण मुख्य सिवनी-बालाघाट मार्ग लगभग दो घंटे तक पूरी तरह अवरुद्ध रहा। पोल टूटने से बरघाट नगर सहित आसपास के कई गांवों में ब्लैक आउट हो गया। बिजली विभाग का अमला देर रात तक आपूर्ति बहाल करने की जद्दोजहद में लगा रहा।
बरघाट नगर में शाम 5:30 से 6:30 बजे के बीच हुई इस जोरदार बारिश के कारण खेतों और खलिहानों में खुले में रखी कटी हुई फसलें भीग गईं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तूफान और बारिश के कारण हुए नुकसान का मैदानी स्तर पर सर्वे किया जाएगा, जिसके बाद ही वास्तविक क्षति का आधिकारिक आंकड़ा सामने आ सकेगा।
बरघाट थाना क्षेत्र के मंडी गांव में खेत में मौजूद 6 वर्षीय प्रियांशु पुत्र सुंदरलाल मरकाम की गाज गिरने से जान चली गई। कान्हीवाड़ा के उड़ेपानी में हार्वेस्टर मशीन के पास जा रहे रहमान पुत्र शेख गुलाम (40) छिड़िया पलारी निवासी की भी गाज की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के शवों का शनिवार को पोस्ट मार्टम कराया जाएगा।
शाम के समय हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। दिनभर तेज धूप और उमस के बाद हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया, लेकिन खेतों में खड़ी व कटी फसलों के लिए यह बदलाव चिंता का कारण बन गया है। जिले के कई इलाकों में फसलें पककर तैयार हैं और कटाई का कार्य जारी है, जबकि कुछ स्थानों पर फसलें कटकर खेतों में ही रखी हुई हैं। ऐसे में तेज वर्षा, ओलावृष्टि व हवाओं से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।