शहडोल में भूमि विवाद के फैसले की कॉपी देने के बदले 15 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया एसडीएम कार्यालय का चपरासी
वीर सिंह मूल रुप से वार्ड नंबर 47 गली नंबर 6 जिला मुरैना का रहने वाला है। वर्तमान में सिविल कालोनी ब्यौहारी रहते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यलय ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 06 May 2026 05:38:17 PM (IST)Updated Date: Wed, 06 May 2026 05:49:27 PM (IST)
रिश्वत लेते पकड़ाया बाबू।नईदुनिया प्रतिनिधि,शहडोल। जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कार्यालय ब्यौहारी में मंगलवार को लोकायुक्त रीवा की टीम ने यहां के भृत्य (क्लर्क) वीर सिंह जाटव पुत्र रामचरण जाटव (40) को 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे (पकड़ा) ट्रैप किया है। वीर सिंह मूल रुप से वार्ड नंबर 47 गली नंबर 6 जिला मुरैना का रहने वाला है। वर्तमान में सिविल कालोनी ब्यौहारी रहते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यलय में पदस्थ है। इसका मूल पर भृत्य का है,लेकिन अधिकारियों का कृपा पात्र बनकर क्लर्क का काम करता था।
इसकी पहचान विशेष क्लर्कों में होती है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने के निर्देश पर उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में ट्रैप की एसराम मरावी निरीक्षक विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय रीवा ने अपनी टीम के साथ किया है।
06 मई की दोपहर की कार्रवाई में सुरेश कुमार जायसवाल पुत्र चुनबादी प्रसाद जायसवाल,(45)निवासी ग्राम निपानिया थाना पपौंध तहसील–ब्यौहारी ने शिकायत किया था।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह ग्राम पपौध में अपनी पत्नी अंकिता जायसवाल के नाम भूमि क्रय किया था, जिसका रकबा 1020/4/1/1 है । जिस पर उसकी पत्नी अंकिता जयसवाल द्वारा कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ब्यौहारी में भूमि पर हुए विवाद की अपील की गई थी।
फैसले के आदेश की कापी अनुविभागी अधिकारी राजस्व कार्यालय के बाबू वीर सिंह से मांगी तो वह आदेश की कापी देने के एवज में 20000 रुपए की रिश्वत की मांगी।शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त द्वारा सत्यापन कराया गया ।त्यापन के दौरान आरोपित द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया।
इसके बाद लोकायुक्त टीम ने वीर सिंह जाटव को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है। आरोपित के विरुद्ध धारा 7 (क)भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया गया है।ट्रैप करने वाले निरीक्ष एस.राम. मरावी के साथ प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र शासकीय गवाह द्वारा 12 सदस्यीय टीम के साथ कार्यवाही की गई।