
नईदुनिया प्रतिनिधि, आगर मालवा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और परिवार के अन्य सदस्यों ने कभी दिल्ली से चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि वहां के लोग उन्हें अच्छी तरह जानते थे। इसके बजाय उन्होंने उत्तर प्रदेश में रायबरेली और अमेठी जैसी सीटें चुनीं।
केरल के वायनाड से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने पर तंज कसते हुए डॉ. यादव ने कहा कि यह परिवार अब चुनाव लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश से आगे बढ़ गया है। कहा कि लोग कहते हैं कि समुद्र बीच में आ गया, वरना गांधी परिवार के ये नेता चुनाव लड़ने के लिए अरब देशों या किसी और जगह पहुंच जाते।
आगर-मालवा में रविवार को लाड़ली बहनों को धनराशि जारी करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि आज भारत नई तकनीक का इस्तेमाल करके लोकतंत्र में आगे बढ़ रहा है, लेकिन 'भाईसाहब' मानते ही नहीं हैं। भाई साहब क्या करें? उनका नाम ही पप्पू है। अगर नाम पप्पू है, तो काम भी पप्पू जैसा ही करेंगे। क्या किया जा सकता है।
इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर भी मुख्यमंत्री ने निशाना साधा। कहा कि वे लोगों और युवाओं के बारे में बात करने के नाम पर 'झूठ का पुलिंदा' लेकर मध्य प्रदेश आ रहे हैं।
कांग्रेस गलत जानकारी फैला रही है कि राज्य सरकार 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति नहीं दे रही है डॉ. यादव ने कहा कि राहुल गांधी को इसके बजाय मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए कि पिछली कांग्रेस सरकारें डकैतों और नक्सलवाद की समस्या को रोकने में नाकाम रहीं।
भाजपा सरकार ने राज्य से डकैतों और नक्सलियों, दोनों का सफाया कर दिया है। बोले कि अब तो ट्रंप भी कह रहे हैं कि जैसे मोदी जी ने आईडी कार्ड बनाए, वैसे अमेरिका में बनवाएंगे। यह हमारे इलेक्शन कमीशन का सम्मान है। डॉ. यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पर न्यायपालिका और सशस्त्र बलों पर भी सवाल उठाता है।
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