
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। जिसमें चीता प्रबंधन की टीम का एक सदस्य ट्रैंक्विलाइज़ के दौरान चीता की पीठ पर लेटकर आराम से फोटो खिंचवा रहा है। इस संबंध में चीता प्रोजेक्ट के अफसर इस फोटो को तकरीबन दो माह पुराना होने के साथ ही फेक फोटो बता रहे हैं।
वायरल तस्वीर की बात करें तो दो माह पहले भी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। पर्यावरण से प्रेम रखने वाले लोगों द्वारा वायरल फोटो को चीता प्रबंधन की लापरवाही बताकर राज्य और केन्द्र स्तर तक शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन फोटो को फेक होना बताकर इस मामले को वहीं समाप्त कर दिया गया था।
लेकिन, चीता पर लेटकर फोटो खिंचवाने वाली तस्वीर के फिर से सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस तस्वीर की वास्तविक जांच को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि फोटो वास्तविक है, तो इसकी जांच कर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई? चीता पर लेटकर फोटो खिंचवाना ट्रैंक्विलाइज़ के दौरान अपनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मानकों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।
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सोशल मीडिया पर दो माह पहले वायरल होने वाली तस्वीर को लेकर वन्यजीव प्रेमी अजय दुबे द्वारा पर्यावरण्, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी), राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (वन) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के यहां शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
जो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वह पूरी तरह से फेक है। दो माह पहले ही हम विधिवित प्रेस बयान जारी कर वायरल तस्वीर का खंडन कर चुके हैं।- उत्तम कुमार शर्मा, सीसीएफ, कूनो नेशनल पार्क