शिवपुरी में प्रशासनिक दावों की पोल: बारिश के बीच तिरपाल के नीचे करने पड़े अंतिम संस्कार के लिए मजबूर हुए ग्रामीण
शिवपुरी समाचार: ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब 14वें और 15वें वित्त आयोग में हर पंचायत को श्मशान घाट निर्माण, चबूतरा और शेड के लिए लाखों रुपये का बज...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 07:23:44 PM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 07:24:25 PM (IST)
तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करते ग्रामीण। नईदुनियाHighLights
- श्मशान घाट जैसी बुनियादी सुविधा नहीं
- सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर गुस्सा
- वित्त आयोग के बजट पर उठे गंभीर सवाल
नईदुनिया न्यूज शिवपुरी (पोहरी)। जिले के पोहरी में एक तरफ सरकार गांव-गांव में मूलभूत सुविधाएं और सम्मान के साथ अंतिम विदाई की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ग्राम पंचायत परासरी की गुर्जर बस्ती में विकास के सारे दावे बारिश में भीग गए। यहां श्मशान घाट जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं है, जिसके चलते ग्रामीणों को रविवार की शाम तेज बारिश में तिरपाल के नीचे एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने को मजबूर होना पड़ा।
नीचे गीली जमीन, ऊपर बरसता पानी और बीच में जलती चिता की इस तस्वीर ने पंचायत के विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है।
ग्रामीणों का गुस्सा सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर फूटा
ग्रामीणों का गुस्सा सीधे तौर पर ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर फूटा है। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के लिए वे कई सालों से मांग कर रहे हैं। हर ग्राम सभा, हर जनसुनवाई में यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब 14वें और 15वें वित्त आयोग में हर पंचायत को श्मशान घाट निर्माण, चबूतरा और शेड के लिए लाखों रुपये का बजट मिलता है, तो परासरी की गुर्जर बस्ती में आज तक एक शेड तक क्यों नहीं बन पाया?
कागजों पर विकास दिखाकर जमीनी हकीकत को अनदेखा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत पोहरी के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि परासरी की गुर्जर बस्ती में जल्द से जल्द श्मशान घाट के लिए भूमि चिन्हित कर वहां पक्का चबूतरा, टीन शेड और पानी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को अपने परिजन की अंतिम विदाई इस तरह अपमानजनक तरीके से न करनी पड़े।