
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। ऐतिहासिक नरवर किले से 16वीं शताब्दी की बेशकीमती तोपों की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इस मामले में शनिवार को पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस रात 10 से 15 चोर किले की तोपें उड़ा ले गए, उस रात पुरातत्व विभाग के चौकीदार ड्यूटी पर थे ही नहीं।
पुरातत्व विभाग ने तोपों की सुरक्षा के लिए 6 चौकीदार तैनात कर रखे थे। 3 दिन में और 3 रात में। लेकिन पुलिस पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने सबको हैरान कर दिया। नरवर टीआई विनय यादव ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि दिन वाले चौकीदार तो ड्यूटी पर जाते थे, लेकिन रात वालों ने किले को भगवान भरोसे छोड़ रखा था। वे कभी-कभार ही ड्यूटी पर जाते थे।
आरोपी चौकीदार चरण लाल जाटव ने खुद कबूला कि घटना वाली रात 15-16 जुलाई को वह ड्यूटी पर गया ही नहीं था। सुबह किले पर चौकीदार पहुंचे तो पता चला तोप चोरी हो गई है।
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पुलिस ने सभी चौकीदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वे बार-बार बयान बदलने लगे हैं, जिससे पुलिस का शक उन पर और गहरा हो गया है। पुलिस अब चौकीदारों के मोबाइल की सीडीआर निकाल रही है और यह पता लगा रही है कि चोरी की रात वे कहां थे और किससे बात कर रहे थे। इसके अलावा किले के आसपास के संदिग्धों और कबाड़ियों से भी पूछताछ की जा रही है।