Shivpuri News: नदी में अवैध खनन के दौरान निकली एक हजार साल पुरानी जैन प्रतिमा, समाज के सुपुर्द की, पूजा-पाठ का दौर शुरू
ग्राम सावोली में चल रहे अवैध खनन के दौरान जैन प्रतिमा निकली है, जिसे समाज के सुपुर्द कर दिया गया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 19 May 2024 11:33:14 AM (IST)Updated Date: Sun, 19 May 2024 11:33:14 AM (IST)
नदी में से निकली जैन प्रतिमाHighLights
- ग्राम सावोली में हो रहा था अवैध खनन
- मुनियों से लिया जाएगा मार्गदर्शन
- भगवान आदिनाथ या भगवान नेमीनाथ की हो सकती है प्रतिमा
Shivpuri News नईदुनिया प्रतिनिधि शिवपुरी। नरवर क्षेत्र के ग्राम सावोली में शनिवार को अवैध खनन के दौरान एक हजार साल पुरानी जैन प्रतिमा निकली है। जैन प्रतिमा को समाज के सुपुर्द कर दिया गया है।
समाज के पदाधिकारी महेंद्र जैन भय्यैन के अनुसार नरवर से छह किमी दूर ग्राम सावोली में सिंध नदी में शनिवार को जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। इसी खुदाई के दौरान एक जैन प्रतिमा रेत के अंदर से निकली है। प्रतिमा एक हजार साल पुरानी है।
प्रतिमा को जैन समाज के सुपुर्द किया
जैन के अनुसार संभवत: मुगलों के आतंक के समय तोड़े गए जैन मंदिरों में से जो प्रतिमाएं फेंकी गई थी, उन्हीं प्रतिमाओं में से यह भी एक प्रतिमा हो सकती है। जैसे ही नदी में से जैन भगवान की प्रतिमा निकलने की खबर क्षेत्र में फैली गांव में जैन समाज के लोगों का जमावड़ा लग गया। प्रतिमा पूरी तरह से सही है, उसका बायां हाथ खंडित बताया जा रहा है। देर शाम प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया और प्रतिमा को फिलहाल जैन समाज के सुपुर्द ही कर दिया गया है।
समाज के लाेगों ने नरवर में बने नए जैन मंदिर में प्रतिमा को रख दिया है। समाज के लोगों का कहना है कि इस प्रतिमा का क्या करना है, इसके संबंध में विद्वानों सहित जैन मुनियों से मार्गदर्शन मांगा जाएगा। वह प्रतिमा को देखने के बाद जो भी दिशा निर्देश देंगे उसके अनुसार आगे की कार्य योजना तैयार की जाएगी।
दर्शनों के लिए उमड़ी भीड़, शुरू हुआ कीर्तन और पाठ
नदी में से निकली जैन प्रतिमा के मंदिर पर पहुंचने के उपरांत जैसे ही खबर क्षेत्र में पहुंची तो न सिर्फ नरवर के जैन अनुयायी बल्कि आसपास के गांव व कस्बों के जैन धर्मावलंबी भी नरवर के जैन मंदिर पर पहुंचना शुरू हो गए। समाज के लोगों ने भगवान की प्रतिमा मिलने को कोई शुभ संकेत मानते हुए प्रतिमा की पूजा अर्चना और भजन कीर्तन व पाठ भी किया।