सागर हादसे के बाद शिवपुरी के सरपंच की अनोखी पहल... ढपला-रंगसिंघा बजवाकर की शराब न पीने की अपील
शिवपुरी समाचार: इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए शिवपुरी जिले के अमोला क्षेत्र के सिरसौद के सरपंच ने जागरूकता की अनोखी मिसाल पेश की है।
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 05:16:27 PM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 05:30:19 PM (IST)
गांव की चौपाल पर मुनादी पीट कर अपील करते सरपंच। नईदुनियाHighLights
- पारंपरिक तरीके से मुनादी
- सागर त्रासदी से सबक
- वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। सागर जिले के बांदा में जहरीली शराब से 30 लोगों की मौत और 190 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने पूरे मध्य प्रदेश को दहला दिया है। इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए शिवपुरी जिले के अमोला क्षेत्र के सिरसौद के सरपंच ने जागरूकता की अनोखी मिसाल पेश की है।
बिना सरकारी माइक के सरपंच की मुनादी
सिरसौद सरपंच अतर सिंह लोधी ने न तो सरकारी माइक का सहारा लिया और न ही कागजी पोस्टर का। उन्होंने बुंदेलखंड की पुरानी परंपरा ढपला और रंगसिंघा बजवाकर गांव-गांव में मुनादी करवाई। मुनादी के दौरान सरपंच खुद लोगों से अपील करते नजर आए। मुनादी में उनकी मार्मिक अपील कुछ इस तरह थी - "सागर-बंडा में 30 लोग मर गए कच्ची पीकें... इसलिए कच्ची पीएं न पक्की, पुच्ची। शराब, नशा-नाश की जड़ है, इसलिए शराब न पीएं। 30 मर गए हैं और 190 अस्पताल में हैं, इसलिए कोई शराब न पीए भैया....’।
सरपंच ने इस पूरी मुनादी का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल किया है, जो अब क्षेत्र में तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।
गांव की चौपाल पर मौजूद ग्रामीण। नईदुनिया
सोचा कोई अनहोनी हो उससे पहले बचा लूं...
सरपंच की यह पहल केवल सिरसौद गांव तक सीमित नहीं रही। उन्होंने सिरसौद के माजरा टोला सहित नया अमोला क्रमांक-1, 2, 3 और 4 में भी जाकर लोगों को शराब से दूर रहने की अपील की। सरपंच अतर सिंह लोधी का कहना है कि, "मैंने खबर में देखा कि सागर में शराब से 30 घर उजड़ गए और सैकड़ों जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। हमारे गांव में भी लोग शराब पीते हैं। सोचा कोई अनहोनी हो उससे पहले अपने परिवार को बचा लूं। शराब पीने से केवल पीने वाला नहीं मरता, बल्कि उसका पूरा घर-परिवार बर्बाद हो जाता है।"
बरसों बाद गांव में गूंजी ढपला-रंगसिंघा की आवाज और सरपंच की इस देसी अपील ने बुजुर्गों को पुराने दिन याद दिला दिए, तो युवाओं को भी सोचने पर मजबूर कर दिया।
सागर हादसे के बाद जहां एक ओर दहशत है, वहीं सिरसौद सरपंच की यह पहल पूरे अंचल के लिए नजीर बन गई है।