MP के शिवपुरी में प्रकृति का कहर... बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सरसों-गेहूं की फसलें तबाह, किसान बेहाल
MP Hailstorm: शिवपुरी जिले में सोमवार को अचानक हुए मौसम परिवर्तन ने किसानों की कमर तोड़ दी है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 23 Feb 2026 09:24:20 PM (IST)Updated Date: Mon, 23 Feb 2026 09:24:20 PM (IST)
ओलावृष्टि ने छीना किसानों का निवाला, खेतों में बिछी पीली सरसों।HighLights
- सरसों, चना और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान
- एक दर्जन से अधिक गांवों में बिछी सफेद चादर
- पकी हुई सरसों के दाने ओलों से झड़कर बर्बाद
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी: जिले में सोमवार का दिन किसानों के लिए काली घड़ी बनकर आया। सुबह से खिली तेज धूप के बीच दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शिवपुरी अनुभाग के करीब एक दर्जन गांवों में गरज-चमक के साथ हुई बेमौसम बारिश और भारी ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी लहलहाती फसलों को मटियामेट कर दिया।
कुदरत की मार: खेतों में बिछी सफेद चादर
दोपहर बाद हुई इस ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही मिनटों में खेतों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। अचानक हुई इस घटना से किसानों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। प्रभावित गांवों में सतेरिया, लालगढ़, पिपरसमां, तानपुर, झलवासा, झूंड़, सीर बांसखेड़ी और रायश्री शामिल हैं।
सरसों और गेहूं को भारी नुकसान
किसानों के अनुसार, खेतों में सरसों की फसल पककर पूरी तरह तैयार थी। ओलों की मार से सरसों के दाने झड़ गए, जिससे उत्पादन शून्य होने की कगार पर है। वहीं, पकने को तैयार चने की फसल भी इस आपदा की भेंट चढ़ गई। गेहूं की स्थिति भी चिंताजनक है; तेज हवा और ओलों के कारण गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। गौरतलब है कि गेहूं की फसल पर बीते 15 दिनों में यह दूसरी प्राकृतिक मार है।
इस आपदा ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में खड़ी फसल के बर्बाद होने से अब किसानों की उम्मीदें पूरी तरह टूट चुकी हैं और वे शासन-प्रशासन से मुआवजे की आस लगा रहे हैं।
हमारे खेत में सरसों और चना की फसल पूरी तरह से पकी हुई खड़ी थी। अचानक हुई तेज बारिश के कारण पूरी सरसों और चना की फसल खराब हो गई। खेतों में ओलों के कारण वर्फ की चादर सी बिछ गई है।
-बीएस तोमर,किसान, झूंड़।
हमारे खेत में सरसों की फसल पकी हुई खड़ी थी। फसल की कटाई चल रही थी, अचानक मौसम बदला और तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल के दाने खेत में बिछ गए।
-गोलू परमार,किसान, सीर बांसखेड़ी।
मैं अभी तक सतेरिया, लालगढ़, पिपरसमा, तानपुर, झलवासा, झूंड़ आदि गांवों का भ्रमण कर चुका हूं। यहां सरसों की जो फसल पूरी तरह पकी हुई थी, उसके दाने झड़ गए हैं। गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है।
-पान सिंह करोरिया,उपसंचालक, कृषि।