
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। शिवपुरी जिले में कच्ची शराब के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा अब जन-आंदोलन बन गया है। मंगलवार को अमोला में शराब दुकान पर प्रदर्शन के बाद बुधवार को अमोला थाना क्षेत्र के ही बघरा साजौर गांव में सैकड़ों आदिवासी महिलाओं ने आर-पार की जंग का एलान कर दिया।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बघरा साजौर की करीब 100 आदिवासी महिलाएं लाठियां लेकर सरपंच पुत्र रोहित लोधी और समाजसेवी सोनू के साथ गांव से 2 किलोमीटर दूर खेत और जंगल के बीच बने एक ठिकाने पर जा धमकीं। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि यहां इमरत पाल खेती की आड़ में लंबे समय से अवैध कच्ची और जहरीली शराब की भट्टी चला रहा है।
शराब को जंगल में छिपा कर रखा जा रहा था। महिलाओं ने जब अड्डे पर धावा बोला तो वहां शराब से भरी कट्टियां और लहान से भरी कट्टियां मिलीं। तलाशी में 7 डिब्बे कच्ची शराब और लहान बरामद हुई।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान आरोपी इमरत पाल और उसकी पत्नी ने महिलाओं पर हमला बोल दिया। आरोप है कि दोनों ने महिलाओं के साथ मारपीट की और बीच-बचाव करने आए सरपंच रोहित लोधी को भी मारने पर उतारू हो गए।
इसके बाद सैकड़ा भर महिलाओं का सब्र टूट गया और उन्होंने एक साथ लाठियां उठा लीं। महिलाओं के रौद्र रूप को देखकर आरोपित इमरत पाल नदी की तरफ भाग गया और जंगल में छिप गया।
महिलाओं द्वारा की गई इस कार्रवाई में शामिल आदिवासी महिला गुड्डी बाई की आपबीती सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं। गुड्डी आदिवासी का कहना था कि, "मेरा एक ही लड़का बचा है, एक लड़का शराब पी-पीकर मर गया। यह शराब वाला महिलाओं और सरपंच को मारने पर पड़ा, फिर नदी की तरफ भाग गया। गांव में यह जहर बिकना बंद होना ही चाहिए।"
दूसरी महिलाओं के अनुसार, "हमारे आदमी दिनभर मजदूरी कर 300-400 रुपये कमाते हैं और शाम को सारी कमाई इसी शराब में उड़ा देते हैं। घर में आटे के लाले हैं, बच्चों की फीस नहीं है, लेकिन शराब के लिए पैसा है। नशे में रोज मारपीट होती है। अब बहुत बर्दाश्त कर लिया।" महिलाओं का कहना है कि इमरत पाल ने बघरा साजौर सहित आसपास के कई गांवों के युवाओं को इस जहरीली शराब का आदी बना दिया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को ही अमोला में महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ मोर्चा खोला था। सागर जिले में महिलाओं के शराबबंदी आंदोलन के बाद अब उसकी चिंगारी शिवपुरी जिले में भी पहुंच गई है। अब अमोला क्षेत्र में महिलाएं खुद ही पुलिस बनकर अड्डों पर धावा बोल रही हैं।
बघरा साजौर की महिलाओं ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और आबकारी विभाग ने इमरत पाल जैसे कारोबारियों पर कठोर और स्थाई कार्रवाई नहीं की, तो वे गांव-गांव में चल रहे हर अड्डे को खुद ही खत्म कर देंगी।
मामले को लेकर अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सेंगर का कहना है, "बघरा साजौर में आदिवासी महिलाओं ने एक खेत पर पाल के घर-खेत से शराब और लहान पकड़ा है। हमने शराब जब्त कर ली है। चूंकि आरोपित वहां से भाग गया है, इसलिए उसके सामने आने के बाद मामले की पड़ताल करेंगे। इस दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।"