टीकमगढ़ कोर्ट परिसर में हड़कंप: पिता के हत्यारों को जमानत मिलने से आहत बेटे ने फांसी लगाने का किया प्रयास, जवानों ने बचाई जान
न्यायालय परिसर में मौजूद सुरक्षा जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत पकड़ लिया और एक बड़ा हादसा टल गया।
Publish Date: Tue, 06 Oct 2026 10:49:12 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2026 10:50:46 PM (IST)
HighLights
- आरोपियों की डिफ़ॉल्ट बेल से आहत था युवक
- सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
- देहात थाना पुलिस ने समझाइश देकर घर भेजा
नईदुनिया प्रतिनिधि, टीकमगढ़। जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार शाम एक युवक ने उस समय सनसनी फैला दी जब उसने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के कंचनपुरा निवासी जितेंद्र प्रजापति पिता की हत्या के आरोपियों की जमानत की सूचना मिलने से आहत था। न्यायालय परिसर में मौजूद सुरक्षा जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत पकड़ लिया और एक बड़ा हादसा टल गया।
जितेंद्र आरोपियों को मिली डिफॉल्ट बेल के नोटिस का कर रहा था विरोध
फरियादी पक्ष के अधिवक्ता मुकेश साहू ने बताया कि जितेंद्र प्रजापति आरोपियों को मिली डिफॉल्ट बेल के नोटिस का विरोध कर रहा था। अधिवक्ता ने बताया कि एक जुलाई 2026 की रात जितेंद्र के पिता 56 वर्षीय घनश्याम उर्फ घंसू प्रजापति की हत्या कर दी गई थी।
इस दौरान आरोपियों ने जितेंद्र और उसके स्वजनों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की थी। मोहनगढ़ थाना पुलिस ने इस मामले में डॉ. प्रकाश कुशवाहा, चन्द्रभान कुशवाहा (निवासी ककरेला, थाना बार, जिला ललितपुर), खुशीराम यादव, रामराजा यादव (दोनों निवासी पटनापुर) और विद्याधर यादव (निवासी कुंवरपुरा) को आरोपी बनाया था।
मंगलवार को जब आरोपितों को न्यायालय से जमानत मिलने की जानकारी जितेंद्र को लगी, तो उसने आवेश में आकर न्यायालय परिसर में ही फांसी लगाने की कोशिश की।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची देहात थाना पुलिस जितेंद्र और उसके स्वजनों को थाने ले आई। देहात थाना प्रभारी चंद्रजीत यादव ने बताया कि थाने पर जितेंद्र प्रजापति को उचित समझाइश दी गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ और उसे सुरक्षित घर भेज दिया गया। चूंकि मूल आपराधिक मामला मोहनगढ़ थाना क्षेत्र का है, इसलिए आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।