श्री महाकाल महालोक में मारपीट, महिला श्रद्धालुओं और गार्ड में भिड़ंत, हाथापाई तक पहुंचा अमर्यादित भाषा से शुरू हुआ विवाद
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के श्री महाकाल महालोक में कुछ महिला श्रद्धालु और एक महिला सुरक्षाकर्मी के बीच विवाद हो गया। अमर्यादित भाषा के उपयोग से शुरू ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 30 Aug 2026 08:05:40 PM (IST)Updated Date: Sun, 30 Aug 2026 08:40:42 PM (IST)
श्री महाकाल महालोक में विवाद के बाद हाथापाई करते दर्शनार्थी व महिला सुरक्षाकर्मी। (वीडियो ग्रैब)HighLights
- अफसर बोले-गार्ड व श्रद्धालु एक ही कॉलोनी के रहवासी
- अमर्यादित भाषा से शुरू हुआ मामला अंत में हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया
- विवाद के बाद दोनों को मंदिर के कंट्रोल रूम में बुलाया गया था
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के श्री महाकाल महालोक में महिला श्रद्धालुओं और महिला सुरक्षाकर्मी के बीच विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। अमर्यादित भाषा के उपयोग से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो बहुप्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आया। मंदिर प्रशासन का कहना है कि घटना दो दिन पुरानी है और दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत के बाद मामला शांत करा दिया गया था।
एक मिनट 10 सेकंड के बहुप्रसारित वीडियो में कुछ महिला दर्शनार्थी और महिला गार्ड के बीच बहस दिखाई दे रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए अशोभनीय भाषा का उपयोग करते हैं। कुछ ही देर में विवाद हाथापाई तक पहुंच जाता है। इस दौरान वहां तैनात अन्य सुरक्षाकर्मी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन महिला श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने से वे स्थिति नियंत्रित करने में असहाय दिखाई दिए। बाद में कुछ अन्य दर्शनार्थियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
विवाद किस बात से शुरू हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि महिला श्रद्धालु और गार्ड एक ही कालोनी के निवासी हैं। विवाद के बाद दोनों पक्षों को मंदिर के कंट्रोल रूम में बुलाया गया, जहां बातचीत के बाद आपसी सहमति से मामला शांत हो गया। इसलिए मंदिर प्रशासन ने किसी के विरुद्ध महाकाल थाने में एफआइआर दर्ज नहीं कराई।
चार दिन पहले कांवड़ियों ने भी मचाया था उत्पात
महाकाल मंदिर में सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की यह लगातार दूसरी घटना है। चार दिन पहले कुछ कांवड़ियों ने मंदिर में गर्भगृह में प्रवेश करने का प्रयास किया था। गार्डों ने रोकने की कोशिश की तो विवाद के बाद हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान बैरिकेड भी गिर गए और कुछ सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। मामले में उत्पात मचाने वाले कई कांवड़ियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराया गया था।
पहले भी विवाद और हाथापाई
- अप्रैल 2022 : गेट नंबर पांच पर बीएसएफ जवान और मंदिर कर्मचारियों के बीच प्रवेश को लेकर विवाद मारपीट तक पहुंचा।
- अगस्त 2022 : भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार कर नंदी हाल में प्रवेश का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों से विवाद के बाद कार्रवाई हुई।
- नवंबर 2022 : गर्भगृह में पहले दर्शन को लेकर दो परिवारों में विवाद हुआ। धक्का-मुक्की में रैलिंग टूटने की बात भी सामने आई।
- जून 2023 : मोबाइल से फोटो खींचने से रोकने पर श्रद्धालु और गार्ड के बीच विवाद मारपीट तक पहुंचा। इसी अवधि में अन्नक्षेत्र के पास भी श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव हुआ।
- जुलाई 2025 : गर्भगृह में प्रवेश से जुड़े एक मामले ने तूल पकड़ा, जिस पर मंदिर समिति ने जांच कराई
आखिर विवाद की वजह क्या?
- लाइन तोड़कर जल्दी दर्शन की कोशिश
- गर्भगृह या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश का प्रयास
- सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोकने पर बहस
- विशेष प्रवेश और सामान्य दर्शन व्यवस्था को लेकर असंतोष
- भीड़ अधिक होने पर छोटी बात का बड़े विवाद में बदलना
बड़ा सवाल
क्या बढ़ती भीड़ के अनुरूप प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था में और सुधार की जरूरत है?
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