
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में श्मशान घाट से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जीवाजीगंज पुलिस ने मंगलवार को कथित महिला तांत्रिक के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। वीडियो में खुद को अघोरी बताने वाली महिला चिता के पास पहुंचकर धारदार औजार से अंतिम संस्कार की सामग्री और शव के अवशेषों के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ करती नजर आ रही है।
मामले में अघोर अखाड़ा की ओर से भी पुलिस को शिकायत की गई थी। अघोर अखाड़ा के पीठाधीश्वर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णु नाथ ने पुलिस को शिकायत कर कहा था कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में महिला जलती चिता के बेहद करीब जाकर धारदार हथियार या औजार की मदद से चिता की सामग्री और शव के अवशेषों के साथ छेड़छाड़ करती दिखाई दे रही है।
यदि वीडियो में दिखाई दे रहा कृत्य वास्तविक मानव शव के साथ छेड़छाड़ का है तो यह न केवल शव की मर्यादा और अंतिम संस्कार की गरिमा के विपरीत है, बल्कि कानूनन भी गंभीर मामला है। पीठाधीश्वर विष्णु नाथ के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में महिला के किसी प्रमाणित अघोर गुरु या मान्य परंपरा से जुड़े होने के पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आए हैं। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स, व्यूज और फालोअर्स बढ़ाने के लिए श्मशान और चिता से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने काली उर्फ नंदी गिरि निवासी साढ़ू माता की बावड़ी के खिलाफ धारा 301 बीएनएस व 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। आरोपित से तलवार व उसकी कार भी जब्त कर ली गई है। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेजने के आदेश जारी किए गए।
काली नंद गिरि ने विवादित वीडियो को इंस्टाग्राम अकाउंट से हटाकर सोमवार रात नया वीडियो पोस्ट किया। इसमें वह चक्रतीर्थ श्मशान में चिता की राख अपने चेहरे, हाथ और पैरों पर लगाती नजर आ रही है। साथ ही यह भी कहती नजर आ रही हैं कि पीठ पीछे टिप्पणी करने वालों में अगर हिम्मत है तो सामने आएं। वह यहीं चक्रतीर्थ श्मशान में रहती है। जो लोग उसके बारे में बुरा बोल रहे हैं, उन्हें नहीं छोड़ेगी। इसके बाद उसके धमकी भरे बयान भी चर्चा में है।