
राजेश वर्मा, नईदुनिया, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास के लिए भगवान महाकाल के भांग शृंगार की बुकिंग शुरू हो गई है। पुजारियों के अलावा भक्त भी मंदिर कार्यालय में शृंगार की बुकिंग कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हालांकि भक्तों को आवेदन के साथ जिस पुजारी के माध्यम से शृंगार कराना है, उनका सहमति पत्र लगाना अनिवार्य है। 30 जुलाई से 28 अगस्त तक एक माह की सभी तारीखों के आवेदन प्राप्त होने के बाद चयन समिति तारीख का निर्धारण करेगी।
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन शाम 7 बजे संध्या आरती में भगवान महाकाल का भांग व सूखे मेवे से दिव्य शृंगार किया जाता है। देश-विदेश में रहने वाले भक्त पुजारी के माध्यम से भगवान का शृंगार करवाते हैं। भगवान के भांग शृंगार में औसतन 10 से 12 हजार रुपये का खर्च आता है।
आमतौर पर पुजारी भाग शृंगार के लिए मंदिर समिति द्वारा निर्धारित 1100 रुपये की रसीद कटवाकर भक्तों की ओर से स्वयं अनुमति प्राप्त कर लेते हैं। इसमें भक्तों को सुविधा यह मिलती है कि, पुजारी उन्हें अपने जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ तथा अन्य मनचाहे दिन की तारीख दिलवा देते हैं।
पहले श्रावण मास में भी यह संभव हो जाता था, पुजारी एक माह पहले ही अपने यजमान के नाम से तारीख बुकिंग करा लेते थे। इस बार मंदिर समिति ने शृंगार की बुकिंग प्रक्रिया को सर्वसुलभ व पारदर्शी बनाने के लिए इसमें बदलाव किया है। इस बार श्रावण मास के एक माह के लिए पहले आवेदन लिए जा रहे हैं, बाद में चयन समिति तारीख का निर्धारण करेगी। इस व्यवस्था से तारीख को लेकर होने वाले विवाद की स्थिति नहीं बनेगी। इस बार भक्तों को भी आवेदन का अवसर प्रदान किया गया है। हालांकि उन्हें आवेदन के साथ पुजारी का सहमति पत्र लगाने की बाध्यता रहेगी।
शिवलिंग भगवान शिव का निराकार रूप है। शिवलिंग का शृंगार भक्तों को शिव के साकार रूप के दर्शन कराता है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भक्तों को प्रतिदिन संध्या आरती में भगवान महाकाल के भांग व सूखे मेवे से किए गए शृंगार के रूप में साकार दर्शन होते हैं। महाकाल में भगवान का भांग, मावा तथा हल्दी चंदन से विशेष शृंगार किया जाता है। पर्व त्योहारों के दिन पुजारी भगवान महाकाल का गणेश, श्रीकृष्ण, शेषनाग, सूर्य, चंद्रमा आदि स्वरूप में भी शृंगार करते हैं, वैसे प्रतिदिन भगवान भक्तों को राजा रूप में दर्शन देते हैं।
भगवान महाकाल के भांग शृंगार में एक समय में पुजारी अधिकतम साढ़े तीन किलो भांग का उपयोग करते हैं। पहले 5 से 7 किलो भांग का उपयोग किया जाता था। ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने ज्योतिर्लिंग की सुरक्षा के लिए भांग, पंचामृत तथा पूजन सामग्री का समिति मात्रा में उपयोग करने का सुझाव दिया था। इसके बाद भाग की मात्रा को नियंत्रित किया गया है।
श्रावण के लिए भगवान महाकाल के भांग शृंगार की बुकिंग शुरू हो गई है। पुजारी के साथ भक्त भी आवेदन कर सकते हैं लेकिन उन्हें पुजारी का सहमति पत्र लगाना अनिवार्य है। चयन समिति तारीख तय करेगी। -आशीष फलवाडिया, सहायक प्रशासक जनसंपर्क
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