_m.webp)
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : वोट डालने के दिन मतदाता सूची में नाम तलाशने के बजाय अभी से इसकी तैयारी कर लें। उज्जैन जिले में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत 12 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद मतदाता अपने नाम और दर्ज जानकारी की जांच कर सकेंगे।
नाम छूटने या विवरण में गलती मिलने पर 11 दिसंबर तक दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर रहेगा। दावे-आपत्तियों के निराकरण के बाद चार जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार झा ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब उज्जैन जिले में भी निर्वाचन तंत्र को तय तारीखों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
12 नवंबर को प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी काम अपना नाम जांचना होगा। नाम दर्ज नहीं होने, पात्र मतदाता का नाम छूटने या व्यक्तिगत विवरण में गलती होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावा प्रस्तुत किया जा सकेगा। सूची में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई जा सकेगी। इसके लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक का समय तय किया गया है।
दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का परीक्षण और निराकरण करना होगा। इसके लिए 28 दिसंबर 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद चार जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
इस तरह प्रारूप सूची से लेकर अंतिम प्रकाशन तक की पूरी प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार चलेगी। पुनरीक्षण की प्रक्रिया में मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन भी शामिल है। इसके लिए दो नवंबर 2026 तक की समयसीमा तय की गई है। जिला निर्वाचन तंत्र को पहले मतदान केंद्रों की व्यवस्था से जुड़ा काम पूरा करना होगा। इसके बाद प्रारूप सूची का प्रकाशन, दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया और उनका निराकरण किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- SIR In MP: भोपाल के 4.5 लाख 'लापता' वोटर्स की तलाश तेज, 2900 बीएलओ मैदान में, अब तक 71 हजार नाम फिर जोड़े गए