
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : धार्मिक-पर्यटन नगरी उज्जैन में रविवार को विकास और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला। सिंहस्थ-2028 के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की शुरुआत मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने किसी और के मकान से नहीं, बल्कि अपनी बचपन की यादों से जुड़े पैतृक घर पर गैंती चलाकर की। वर्षों पुरानी स्मृतियों से जुड़े घर का हिस्सा अपनी आंखों के सामने टूटते देख मुख्यमंत्री भावुक हो गए।
अब्दालपुरा में करीब 960 वर्गफीट जमीन पर बने दो मंजिला मकान नंबर 180 पर रविवार सुबह करीब 10 बजे पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले विधिवत पूजन किया। इसके बाद स्वयं गैंती थामी और उस घर के प्रभावित हिस्से को तोड़ने की शुरुआत की, जहां उनका बचपन बीता था। भावुक क्षणों के बीच उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी के सुव्यवस्थित और भव्य विकास के आगे कोई व्यक्तिगत पहचान या पद आड़े नहीं आएगा। विकास की राह में आम हो या खास, नियम सबके लिए समान हैं।

मुख्यमंत्री की बहन व नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी इसी मार्ग में प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने सड़क की तय सीमा को आधार बनाकर निशान लगाए, जिसे मुख्यमंत्री परिवार ने सहर्ष स्वीकार किया।
बताया कि खजूर वाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाने (गणेश चौक) तक लगभग 730 मीटर लंबे और 32 फीट (15 मीटर) चौड़े बनने वाले इस मार्ग की जद में मुख्यमंत्री के पैतृक आवास सहित कुल 272 भवन आ रहे हैं। वर्ष 1974 में मुख्यमंत्री के दादा स्व. रामचंद्र यादव द्वारा निर्मित इस पैतृक घर पर भी नगर निगम ने लाल निशान लगाया था।
कहा गया है कि मार्ग चौड़ा करने के लिए मकान 3.8 मीटर हिस्सा तोड़ना होगा। मकान में फिलहाल कई वर्षों से यादव परिवार का कोई सदस्य नहीं रह रहा था। यहां चौकीदार रखा गया था।

अब्दालपुरा, उज्जैन की एक ऐतिहासिक बस्ती है, जहां हिंदू, मुस्लिम और बोहरा समुदाय के परिवार दशकों से भाईचारे के साथ निवास कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बिना किसी विरोध के सहर्ष अपने मकानों के अग्रभाग हटाने की सहमति दे दी है। क्षेत्रीय निवासी कादर भाई ने नईदुनिया से कहा कि संकरी सड़क के कारण वर्षों से आवागमन दुष्कर था। हमारे मकान भले थोड़े छोटे हो जाए, लेकिन दिल बड़े हैं। मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद पूरा क्षेत्र बिना किसी आपत्ति के विकास कार्य में भागीदार बन रहा है।
व्यवसायी नरेंद्र जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का मकान टूटने से जनता में यह विश्वास कायम हुआ है कि नियम सबके लिए बराबर हैं।
सिंहस्थ में पधारने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और उज्जैन के नागरिकों की सुविधा के लिए यह चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक है। विकसित उज्जैन और नए मध्य प्रदेश का निर्माण सभी के सामूहिक सहयोग से ही संभव है। -डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
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