
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : देवासगेट स्थित राजाभाऊ महाकाल बस स्टैंड से समस्त प्रकार के यात्री बसों का संचालन शुक्रवार को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया। अब सभी यात्री बसें पूर्व से संचालित नानाखेड़ा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय बस स्टैंड से ही संचालित की जाएंगी। यह आदेश 9 अक्टूबर से प्रभावशील हो गया है।
आगामी सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों और शहर में बढ़ते यातायात के भारी दबाव को नियंत्रित करने के लिए ये अत्यंत कठोर और बड़ा निर्णय जिला प्रशासन ने लिया है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारी एवं आईएएस अधिकारी आशीष सिंह द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 117 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए विधिवत इसकी अधिसूचना जारी की गई।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष कुमार मालवीय ने बताया कि उज्जैन के देवासगेट स्थित वर्तमान बस स्टैंड को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है, और अब सभी प्रकार के यात्री वाहनों का संचालन पूर्व से संचालित नानाखेड़ा बस स्टैंड से ही किया जाएगा। यह आदेश प्रभावशील हो गया है।
यह आदेश मध्य प्रदेश सुगम परिवहन सेवा, स्टेज कैरेज परमिट पर संचालित लोक सेवा यान, आल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाहन, अंतरराज्यीय (इंटर-स्टेट) लोक सेवा यान तथा अन्य समस्त प्रकार के लोक सेवा यानों पर सख्ती से लागू होगा।
सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियां
महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जा रहा है।
शहरी विकास कार्य
शहर के भीतर बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्य, सड़कों का चौड़ीकरण, एलीवेटेड ब्रिज का निर्माण, मल्टीलेवल पार्किंग और शहर का सुंदरीकरण इस बदलाव का मुख्य आधार है।
यातायात का दबाव और सुरक्षा
देवासगेट क्षेत्र में अत्यधिक भीड़भाड़ और यातायात जाम से आम नागरिकों व श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा से राहत दिलाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
नानाखेड़ा में होटल-रेस्त्रां कारोबार चमकेगा, ई-रिक्शावालों को भी फायदा
नानाखेड़ा बस स्टैंड से सभी बसाें का संचालन होने से अब क्षेत्र का होटल-रेस्त्रां कारोबार चमकेगा। सीधा फायदा ई-रिक्शा वालों को भी मिलेगा। क्योंकि अब दूसरे शहर से आने-जाने वाले यात्रियों की रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड की दूरी ई-रिक्शा से ही तय हो पाएगी। असर यहां की प्रापर्टी की कीमत बढ़ने और आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक संपत्ति के रूप में बदलने के रूप में भी दिखेगा।
मालूम हो कि दो दशक पहले सिंहस्थ- 2004 के समय नानाखेड़ा में 1.689 हेक्टेयर जमीन पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय बस स्टैंड का लोकार्पण हुआ था। इसके उत्तर में एमआर 2 रोड से लगी प्रस्तावित वाणिज्यिक योजना, दक्षिण में 18 मीटर रोड, पूर्व में उज्जैन-सावेर रोड और पश्चिम में भूमि सर्वे नं. 355 स्थित है। पड़ोस में उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया नैवेद्य लोक यानी 35 दुकानों का फूड कोर्ट है। सी-21 माल सहित कई बड़ी व्यावसायिक संपत्तियां हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आदेश के उपरांत यदि कोई भी बस संचालक देवासगेट क्षेत्र से बसों का संचालन करता है या नियमों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कठोर वैधानिक शिकंजा कसा जाएगा। ऐसे वाहन चालकों और संचालकों के परमिट निरस्तीकरण, आरसी कैंसिलेशन, भारी चालान और न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय संभागीय कमिश्नर, अपर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) और उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में आपसी सहमति के बाद लिया गया है। नानाखेड़ा बस स्टैंड के सुचारू संचालन के लिए नगर निगम आयुक्त को प्रबंधक नियुक्त किया गया है। निगम द्वारा यहां बस स्वामियों से उचित फीस निर्धारण के साथ-साथ परिसर को साफ-स्वच्छ रखने, पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने और नए मूत्रालय व शौचालयों के निर्माण की व्यवस्था की जाएगी।
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