
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा सोमवार को उज्जैन से शुरू हुई। भगवान चिंतामन गणेश के दर्शन और कन्या पूजन के बाद शुरू हुई यह यात्रा करीब 950 किमी का सफर तय कर लगभग 70 दिन में अयोध्या पहुंचेगी।
यात्रा का समापन राम मंदिर में होगा। मंदिरों में चढ़ावे और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर निकाली जा रही इस यात्रा में साधु-संतों, कांग्रेस नेताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
यात्रा शुरू करने से पहले दिग्विजय सिंह ने पत्नी अमृता सिंह के साथ भगवान चिंतामन गणेश के दर्शन किए। इसके बाद वे बालाजी गार्डन पहुंचे, जहां संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन किया गया। राम और शिव धुन के भजनों के बीच धार्मिक अनुष्ठान हुए। इस दौरान उनके बेटे और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह भी आयोजन की व्यवस्थाएं संभालते नजर आए। कन्या पूजन और भोजन प्रसादी के बाद दोपहर करीब 1:15 बजे यात्रा रवाना हुई।
यात्रा में शिव-पार्वती की झांकी, एलईडी वाहन, डीजे, भजन मंडली, बैंड दल, राष्ट्रीय ध्वज, धर्म ध्वज और ढोल के साथ साधु-संतों का समूह शामिल रहा। भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की प्रतिमाओं से सुसज्जित विशेष रथ भी यात्रा के साथ चल रहा है। इसमें गंगा, यमुना, शिप्रा, कावेरी और नर्मदा के जल से भरे कलश रखे गए हैं। पहले दिन करीब तीन हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान आयोजकों ने जताया।
यात्रा के दौरान प्रतिदिन करीब 15 किमी पैदल चलने का लक्ष्य रखा गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक महेश परमार के अनुसार शुरुआती पड़ाव उज्जैन जिले में रहेंगे। कानीपुरा में यात्रियों के ठहरने, भोजन, चाय और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। आगे के पड़ावों पर भी स्थानीय लोग सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं।
आयोजकों का अनुमान है कि यात्रा पर प्रतिदिन औसतन 30 से 50 हजार रुपये खर्च होंगे। करीब 70 दिन की यात्रा का कुल खर्च 30 से 40 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उज्जैन से रवाना होकर यात्रा तराना, शाजापुर, सारंगपुर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर कानपुर क्षेत्र, लखनऊ और बाराबंकी के रास्ते अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर भोजन और भंडारों की व्यवस्था के लिए लोग सहयोग कर रहे हैं।
यात्रा को महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा सहित कई संतों का समर्थन मिलने की बात कही गई है। आयोजकों के अनुसार शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और स्वामी सदानंद सरस्वती ने भी यात्रा को आशीर्वाद दिया है।
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