
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल मंदिर और आसपास की तंग गलियों व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अब बड़ी फायर ब्रिगेड के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति तीन हाईटेक ‘फायर बाइक’ तैयार करवा रही है।
ये बाइक संकरी गलियों और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच तेजी से घटनास्थल तक पहुंचकर शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने का काम करेंगी। इसके लिए समिति ने करीब साढ़े 25 लाख रुपये का प्रावधान किया है।
फायर बाइक को इस तरह तैयार किया जाएगा कि यह सामान्य मोटरसाइकिल की तरह चलने के साथ ही छोटी मोबाइल फायर यूनिट के रूप में काम कर सके। इसका बेस मॉडल 350 सीसी बुलेट या उसके समकक्ष होगा। बाइक में न्यूनतम 19 एचपी पावर और 28 एनएम टॉर्क रखा गया है, ताकि फायर फाइटिंग उपकरण लगे होने के बावजूद इसे भीड़ वाले क्षेत्र में तेजी से चलाया जा सके।
हर बाइक के दोनों ओर 20-20 लीटर के दो एसएस-304 वॉटर टैंक लगाए जाएंगे। यानी एक बाइक में कुल 40 लीटर पानी रहेगा। आग पर तेज दबाव से पानी पहुंचाने के लिए 150 बार प्रेशर वाला अल्ट्रा हाई-प्रेशर प्लंजर पंप लगाया जाएगा। इसका फ्लो रेट न्यूनतम 9 लीटर प्रति मिनट होगा। पंप के संचालन के लिए 5 एचपी का अलग पेट्रोल इंजन भी रहेगा।
बाइक पर 15 मीटर लंबी हाई-प्रेशर होज रील और फॉग जेट लांस रहेगा। इससे करीब 8 मीटर तक सीधी पानी की धार पहुंचाई जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर सिस्टम को मिस्ट मोड में चलाकर पानी की धुंध भी छोड़ी जा सकेगी। इससे आग के शुरुआती फैलाव को रोकने और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद मिलेगी।
फायर बाइक को फायर इंजन रेड रंग में तैयार किया जाएगा। इसमें सायरन, पीए सिस्टम, इमरजेंसी फ्लिकर लाइट, 2 किलो का एबीसी फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, वॉकी-टॉकी होल्डर और हेलमेट माउंटेड टॉर्च रहेगी। मंदिर क्षेत्र में सांप निकलने जैसी आपात स्थिति के लिए स्नेक कैचर इक्विपमेंट भी उपलब्ध रहेगा।
फायर बाइक की सप्लाई के बाद मंदिर के सुरक्षा कर्मचारियों को कम से कम दो सत्रों में इनके संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक साल की नि:शुल्क वारंटी के बाद अगले पांच वर्ष तक सीएमसी (कंप्रिहेंसिव मेंटेनेंस कांट्रेक्ट) के तहत रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की रहेगी।
समिति ने तीनों फायर बाइक के लिए कुल अनुमानित लागत 25.50 लाख रुपये रखी है। एक बाइक की बेस कीमत करीब 8.50 लाख रुपये है। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि महाकाल क्षेत्र की संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले हिस्सों में आग की सूचना मिलते ही छोटी फायर यूनिट तेजी से पहुंच सकेगी। बड़े अग्निशमन वाहन के पहुंचने तक आग को फैलने से रोकने में ये बाइक फर्स्ट रिस्पांस टीम के रूप में काम करेगी।
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