
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की हर सवारी में अब एक साथ पांच रथ शामिल होंगे। मंदिर समिति ने पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह इंतजाम किए हैं।
अब तक सवारियों में केवल दो एलईडी रथ शामिल किए जाते थे। इसके अलावा नए, पुराने शहर के प्रमुख स्थानों पर भी एलइडी रथ खड़े किए जाते थे। इस बार शहर के प्रमुख स्थानों पर एलईडी रथ रहेंगे या नहीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से सावन-भादौ मास में प्रत्येक सोमवार पर भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाएगी। राजाधिराज अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। राजसी वैभव के साथ निकलने वाली सवारी में पारंपरिक नौ दलों के अलावा जनजातीय लोक नृत्य दल, विशेष बैंड आदि भी शामिल रहेंगे।
श्रद्धालुओं को पालकी में विराजित भगवान महाकाल के सुविधा से दर्शन कराने तथा सभी प्रमुख दलों की प्रस्तुतियों का अवलोकन कराने के लिए मंदिर समिति इस बार पांच एलईडी रथों को शामिल करने जा रही है। गत वर्ष तक भगवान महाकाल की सवारी में दो से तीन रथ शामिल रहते थे।
इसके अलावा टावर चौक फ्रीगंज, दौलत गंज, कंठाल चौराहा आदि प्रमुख स्थानों पर भी एलईडी रथ खड़े किए जाते थे। इनके माध्यम से भक्तों को भगवान महाकाल की सवारी शुरू होने से समापन तक सीध प्रसारण दिखाया जाता था। मंदिर समिति का यह प्रयोग काफी हद तक सफल भी रहा, जो लोग भीड़ में धक्का मुक्की से बचना चाहते हैं, वें शहर में घूमते फिरते इन एलईडी रथ के माध्यम से भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं।