महाकाल की अंतिम सवारी से घर-घर पहुंची हरियाली, भक्तों को प्रसाद में मिले 11 हजार पौधे, शिप्रा को ओढ़ाई 400 मीटर लंबी चुनरी
श्रावण-भाद्रपद मास में सोमवार को निकली भगवान महाकाल की चौथी और श्रावण की अंतिम सवारी इस बार भक्तों को आस्था के साथ हरियाली का संकल्प भी दे गई।
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 09:37:53 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 09:37:53 PM (IST)
महाकाल की सवारी में उमड़ा भारी जनसैलाब।HighLights
- महाकाल की सवारी में उमड़ा भारी जनसैलाब
- कलेक्टर ने आम श्रद्धालुओं के साथ किए दर्शन
- अच्छी वर्षा की कामना के साथ ओढ़ाई चुनरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्रावण-भाद्रपद मास में सोमवार को निकली भगवान महाकाल की चौथी और श्रावण की अंतिम सवारी इस बार भक्तों को आस्था के साथ हरियाली का संकल्प भी दे गई। महाकाल के दर्शन कर लौटे भक्त अपने साथ शिवप्रिय वनस्पतियों के पौधे प्रसाद स्वरूप लेकर गए।
सवारी मार्ग पर 11 हजार से अधिक पौधे बांटे गए। भक्त अब इन्हें घर-आंगन और आसपास रोपकर हरियाली बढ़ाएंगे। इस तरह श्रावण की अंतिम सवारी में महाकाल की भक्ति के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी घर-घर पहुंचा। संदेश रथ के माध्यम से पर्यावरण और जलतीर्थों के संरक्षण का आह्वान किया गया।
भक्तों को पौधे वितरित किए गए
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने राज्यसभा सदस्य संत उमेशनाथ महाराज को पौधा भेंट कर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद विशेष वाहनों से सवारी मार्ग पर भक्तों को पौधे वितरित किए गए। इनमें बेलपत्र, रुद्राक्ष और पारिजात जैसी शिवप्रिय वनस्पतियां शामिल थीं। पौधे बड़े होकर न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देंगे, बल्कि भविष्य में शिवपूजन में भी उपयोगी होंगे।
संदेश रथ ने दिया प्रकृति बचाने का संदेश
सवारी में शामिल संदेश रथ पर ‘महाकाल के भक्त बने प्रकृति के रक्षक’, ‘आस्था ही स्वच्छता’ और ‘प्रकृति की रक्षा महाकाल की सच्ची भक्ति’ जैसे संदेश लिखे थे। मंदिर समिति की पहल का उद्देश्य भक्तों को यह संदेश देना था कि प्रकृति और पवित्र नदियों की रक्षा भी भक्ति का ही एक रूप है। देशभर से आए श्रद्धालु इस संदेश को अपने साथ लेकर लौटे।
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कलेक्टर ने आम भक्तों के साथ किए दर्शन
- श्रावण सोमवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सामान्य दर्शनार्थियों के साथ कतार में शामिल हुए और भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने दर्शनार्थियों, देशभर से आए कांवड़ यात्रियों, सेवा में लगे कर्मचारियों और सफाई मित्रों से संवाद किया। दर्शनार्थियों ने सुगम और निर्बाध दर्शन व्यवस्था की सराहना करते हुए कलेक्टर को धन्यवाद दिया।
- चौथी सवारी के दौरान भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना के लिए रामघाट पहुंचे पुजारियों और भक्तों ने मोक्षदायिनी शिप्रा को करीब 400 मीटर लंबी चुनरी ओढ़ाई। इस दौरान भगवान महाकाल और शिप्रा से अच्छी वर्षा की कामना की गई। वर्षा की बाट जोह रहे शहरवासियों को अब तक अपेक्षित वर्षा नहीं मिली है। ऐसे में भक्तों ने महादेव से अच्छी वर्षा के लिए कृपा बरसाने की प्रार्थना की।
- 11,000 पौधे सवारी मार्ग पर वितरित
- 400 मीटर लंबी शिप्रा को ओढ़ाई गई चुनरी
पौधों में क्या खास
- बेलपत्र- शिवपूजन में विशेष महत्व
- रुद्राक्ष- धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व
- पारिजात- फूलों से सजेगा घर-आंगन