
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में हरसिद्धि चौराहा से महापर्वों की तरह नई दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। विक्रम टीले के समीप जूता स्टैंड, शीघ्र दर्शन टिकट, लड्डू प्रसाद काउंटर तथा खोयापाया केंद्र जैसी सुविधा भी उपलब्ध हैं।
इस प्रकार की व्यवस्था अब तक नागपंचमी, महाशिवरात्रि पर की जाती थी। यह पहला अवसर है जब समर वैकेशन के लिए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इतने वृहद पैमाने पर इंतजाम किए हैं।
महाकाल मंदिर विस्तारीकरण के काम जैसे-जैसे पूरे हो रहे हैं, इनका फायदा भक्तों को मिलना शुरू होता जा रहा है। अभी तक देशभर से आने वाले श्रद्धालु चारधाम मंदिर से शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक होते हुए महाकाल टनल, कार्तिकेय मंडपम से होते हुए गणेश व नंदी मंडप से भगवान महाकाल के दर्शन कर रहे थे।
अब मंदिर प्रशासन ने हरसिद्धि चौराहा से बड़ा गणेश मंदिर के सामने से मंदिर के एंबुलेंस द्वार से एक और अतिरिक्त दर्शन व्यवस्था लागू कर दी है। अब तक केवल महापर्वों के समय ही इस मार्ग का उपयोग किया जाता था। लेकिन अब शिप्रा तट हरसिद्धि, बड़ा गणेश, कार्तिक मेला ग्राउंड की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को इसी मार्ग से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया इन दिनों समर वैकेशन चल रहे हैं। इधर 30 जुलाई से श्रावण-भाद्रमास की भी शुरुआत हो जाएगी। इसलिए महापर्व पर की जाने वाली सुगम दर्शन व्यवस्था को अभी से लागू कर दिया गया है। इससे भक्तों को सुविधा पूर्वक भगवान महाकाल के दर्शन हो रहे हैं। गर्मी में भक्तों के लिए मेटिन, छांव के लिए शामियाने तथा शीतल पेयजल के इंतजाम किए गए हैं। अब श्रावण-भाद्रपद मास तक श्री महाकाल महालोक तथा हरसिद्धि चौराहा दोनों स्थानों से सुगम दर्शन की व्यवस्था चलती रहेगी।
ज्योतिर्लिंग महाकाल श्रद्धालुओं की सुविधा के मामले में देश के प्रमुख मंदिरों की सूची में अव्वल रहने वाला है। मंदिर में भक्तों को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराने के कई प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इनमें बड़ा गणेश मंदिर के समीप बन रहा विजिटर फैसिलिटी सेंटर-3 भी शामिल है। यहां भक्तों की सुविधा के लिए फाइवस्टार वेटिंग रूम, टिकट व प्रसाद काउंटर, खानपान व पेयजल के इंतजाम रहेंगे। भस्म आरती दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को यहां प्रतिक्षालय में घर जैसा आराम मिलेगा। फैसिलिटी सेंटर के सामने 24 मीटर सड़क रहेगी। समीप ही मंदिर में प्रवेश के लिए अंडरपास भी बनाया जा रहा है।
उज्जैन में अब महाकाल व कालभैरव के बाद मां हरसिद्धि के मंदिर में भी शुरू होगी शीघ्र दर्शन की सुविधा