
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्रावण-भाद्रपद मास के दौरान महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि सामान्य भक्तों को भगवान महाकाल की सभी आरतियों में चलित दर्शन की निश्शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। श्रद्धालु बिना किसी अग्रिम बुकिंग के कार्तिकेय मंडपम् से आरती के दर्शन कर सकेंगे।
कई बार स्थगित भी करना पड़ता है
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कार्तिकेय मंडपम् में एक साथ तीन लाइनें संचालित करने की व्यवस्था की है, ताकि दर्शन सुचारु रूप से कराए जा सकें। वर्तमान में यहां एक लाइन से चलित दर्शन की सुविधा उपलब्ध है, जिसे कई बार स्थगित भी करना पड़ता है।
श्रद्धालुओं को अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है
अभी महाकाल मंदिर में अग्रिम बुकिंग के आधार पर प्रतिदिन करीब 1200 से 1700 श्रद्धालुओं को भस्म आरती, संध्या आरती और शयन आरती के दर्शन कराए जाते हैं। इसके लिए भस्म आरती का शुल्क 200 रुपये तथा संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित है। सीटें भर जाने पर श्रद्धालुओं को अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है।
श्रावण-भाद्रपद मास में देशभर से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर समिति ने बिना बुकिंग सभी पांच आरतियों के निश्शुल्क चलित दर्शन की व्यवस्था की है। इस व्यवस्था के तहत सुबह चार बजे से रात 10 बजे तक श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।
आरती का समय
यह भी पढ़ें- भोपाल में ₹99 लाख का स्कॉलरशिप घोटाला, 118 छात्रों के नाम पर खुले फर्जी बैंक खाते, आरोपियों से पूछताछ करेगी CBI