उज्जैन बोरवेल हादसा: 23 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला 3 साल के भागीरथ का शव
उज्जैन के बड़नगर में 60 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 साल के भागीरथ की 23 घंटे चले रेस्क्यू के बाद मौत हो गई। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 10 Apr 2026 06:53:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Apr 2026 06:53:02 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन के बड़नगर तहसील अंतर्गत ग्राम झालरिया स्थित खेत के बोरवेल में गिरे मासूम को 22 घंटे बाद निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। शव को देखते ही माता-पिता बेसुध हो गए।
एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस घटनाक्रम में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि गुड़ानला जिला पाली (राजस्थान) से भेड़ लेकर कुछ लोग झलारिया में आए हुए हैं। गुरुवार को डेरे के सदस्य झलारिया में भेड़ चरा रहे थे। उसी दौरान तीन वर्षीय भागीरथ देवासी एक खेत के 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का संयुक्त रेस्क्यू
सूचना पर पुलिस व प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू शुरू किया। गुरुवार रातभर बचाव कार्य जारी रहा। शुक्रवार सुबह भागीरथ को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन शर्ट का कपड़ा फंसकर आ गया। इसके बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के दल को बुलाया गया। दोनों ने संयुक्त रूप से बचाव कार्य प्रारंभ किया।
पाइप के सहारे समानांतर सुरंग की खोदाई की गई। 40 फीट खोदाई के बाद चट्टान आने के कारण काम रोकना पड़ा। शाम करीब 6.30 बजे एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम ने लोहे की छड़, रस्सी और बोरवेल की मोटर निकालने वाली मशीन की मदद से उसे बाहर निकाला। बाहर निकाले जाने पर उसकी सांसें थम चुकी थीं।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, आर्थिक मदद का ऐलान
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इस घटना की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अधिकारियों से लगातार अपडेट ले रहे थे। शुक्रवार शाम भागीरथ का शव निकलने की सूचना के बाद सीएम ने शोक जताया। उन्होंने स्वजन को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। परिजनों के मुताबिक भेड़ चराते समय बच्चा खेल रहा था।
बोरवेल पर ढक्कन लगा था लेकिन भेड़ों की चहलकदमी के दौरान ढक्कन हट गया। बच्चे ने बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह अंदर गिर गया। मां ने उसे गिरते देख बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
क्या कहता है सुरक्षा कानून?
प्रदेश सरकार ने खुले बोरवेल से होने वाले हादसों को रोकने के लिए रोकथाम एवं सुरक्षा अधिनियम 2024 बनाया है। इसके तहत जिनकी भी जमीन पर खुले बोरवेल दिखेंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उज्जैन एसपी ने भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।