उज्जैन में दंपती ने लगाई फांसी, वाट्स एप स्टेटस देख पुलिस ने बचाया, बाहर से बातों में उलझाया फिर गुप्त दरवाजे से जाकर फंदे से उतारा
खोवाल ने मौके पर दंपती का ध्यान भटकाने के लिए उनसे बाहर से बातचीत जारी रखी। इसी बीच पुलिस टीम को गुप्त रूप से दूसरे दरवाजे से अंदर घुसने का इशारा किया ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 24 Apr 2026 11:07:49 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Apr 2026 11:17:35 PM (IST)
युवक को फांसी के फंदे से बचाती पुलिस टीम।HighLights
- नजरपुर में पारिवारिक विवाद के चलते
- पति-पत्नी ने उठाया आत्मघाती कदम
- पुलिस ने दरवाजा तोड़कर फंदे से उतारा
नईदुनिया न्यूज, घट्टिया। ग्राम नजरपुर में मौत और जिंदगी के बीच झूल रहे एक दंपती को घट्टिया थाना पुलिस ने मरने से बचाया। थाना प्रभारी की सूझबूझ और टीम की तत्परता से आत्महत्या का प्रयास कर रहे दंपती को समय रहते बचा लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नजरपुर निवासी आसिफ पुत्र शफीक अहमद पटेल और उसकी पत्नी रीना पटेल अपने पिता शफीक पटेल से घरेलू झगड़े और प्रताड़ना से काफी समय से परेशान थे।
मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद के चलते दंपती ने आत्महत्या का फैसला किया। आसिफ ने सुसाइड से पहले वाट्सएप पर स्टेटस डाला, जिसमें उसने अपने परिवार से परेशान होने की बात कही।
थाना प्रभारी की सूझबूझ से बची जान
विवादित मैसेज की जानकारी घट्टिया थाना प्रभारी करण खोवाल को मिली, उन्होंने बिना एक पल की देरी किए अपनी टीम के साथ नजरपुर पेट्रोलिंग को रवाना हुए। मौके पर पहुंचने पर घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से झांकने पर पुलिस ने देखा कि दोनों पति-पत्नी फांसी लगाए हुए थे।
खोवाल ने मौके पर दंपती का ध्यान भटकाने के लिए उनसे बाहर से बातचीत जारी रखी। इसी बीच पुलिस टीम को गुप्त रूप से दूसरे दरवाजे से अंदर घुसने का इशारा किया गया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दरवाजा तोड़ा और फांसी पर झूल रहे आसिफ और रीना को तत्काल नीचे उतारा। गनीमत रही कि उस समय दोनों की सांसें चल रही थीं।
पुलिस ने उन्हें संभाला और तुरंत शासकीय अस्पताल घट्टिया में भर्ती कराया। समय पर इलाज मिलने से अब दोनों खतरे से बाहर हैं।
होश में आने के बाद दंपती ने अपने पिता शफीक द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात दोहराई है और उसी से तंग होकर फांसी का कदम उठाना बताया। थाना प्रभारी ने उन्हें समझा-बुझाकर मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।