
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। कालभैरव मंदिर में शुरू हुई भगवान कालभैरव के शीघ्र दर्शन की सुविधा को भक्तों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। तीन दिन में शीघ्र दर्शन टिकट बिक्री तीन गुना तक बढ़ गई है। भक्त नई सुविधा का लाभ लेकर गर्भगृह से भगवान कालभैरव के दर्शन कर रहे हैं। पहले यह सुविधा सिर्फ प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीवीआई भक्तों के लिए थी।
कालभैरव मंदिर प्रबंध समिति ने 20 मई से 500 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट पर गर्भगृह से भगवान कालभैरव के दर्शन की नई व्यवस्था शुरू की है। पहले दिन मंदिर समिति को शीघ्र दर्शन टिकट की बिक्री से 3 लाख 87 हजार रुपये की आय हुई थी।
दूसरे दिन गुरुवार को करीब 4 लाख 50 हजार तथा तीसरे दिन शुक्रवार को को छह लाख रुपये से अधिक आय हुई। मंदिर प्रबंधक संध्या मार्कण्डेय के अनुसार जैसे-जैसे भक्तों को नई सुविधा शुरू होने की जानकारी मिल रही है, दर्शनार्थी टिकट लेकर गर्भगृह से भगवान कालभैरव के दर्शन कर रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कालभैरव मंदिर समिति महाकाल मंदिर की तरह 250 रुपये में शीघ्र दर्शन की एक और टिकट जारी करने पर विचार कर रही है। 250 रुपये वाले टिकट में भक्तों को शीघ्र दर्शन अवश्य होंगे, लेकिन उन्हें गर्भगृह की बजाय मंदिर के प्रवेश द्वार पर प्रथम पक्ति से भगवान के दर्शन कराए जाएंगे। यहीं से सामान्य दर्शनार्थी भी दर्शन करते हैं, लेकिन उन्हें घंटों कतार में खड़े रहना तथा अधिक पैदल चलना पड़ता है।
मंदिर से जुड़े जानकारों का कहना है कि कालभैरव मंदिर में अभी प्रवेश व निर्गम के एक-एक मार्ग हैं। सामान्य दर्शनार्थी मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश करते हैं और निर्धारित निर्गम द्वार से मंदिर के बाहर निकलते हैं। मंदिर समिति फिलहाल 500 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों को निर्गम द्वार से मंदिर में प्रवेश दे रही है। 250 रुपये की नई टिकट शुरू करने से इन दर्शनार्थियों के प्रवेश व निर्गम में परेशानी होगी। अगर इनका प्रवेश भी निर्गम द्वार से रखा तो एक मार्ग पर तीन कतार से भारी अव्यवस्था होगी। 250 रुपये के टिकट वाले 500 रुपये वाली कतार में लगकर गर्भगृह में भी प्रवेश कर सकते हैं।
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