
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। जिला अस्पताल पहुचाने तक खुशबू सिंह मार्कों के दिल की धड़कनें भी थम चुकी थीं। नतीजतन डाक्टरों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे सीपीआर दिया, जिसके चलते उसकी सांसें लौट आईं। बावजूद इसके उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर रही, इसलिए उसे गहन उपचार के लिए जबलपुर रेफर करना पड़ा।
जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर भरौला स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के समीप गुरुवार तड़के करीब चार बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार आर्टिका कार हाइवे पर खड़े ट्रक से जा भिड़ी।
हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
अनूपपुर के लीला गांव में रहने वाला मार्को परिवार कार क्रमांक एमपी 18 जेडई 9677 से चित्रकूट जा रहा था। परिवार के मुखिया और गांव के सरपंच कुलपत सिंह सहित छह लोग कार में सवार थे।
कुलपत सिंह की बेटी खुशबू को चित्रकूट में कोई परीक्षा देना थी। इसलिए पूरा परिवार कामतानाथ के दर्शन करने साथ में ही चित्रकूट जा रहा था। रास्ते में एनएच-43 पर उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे में प्रियंका सिंह मार्को (24), रुद्र प्रताप (3), कुलपत सिंह (37) और सविता सिंह(32) की मौके पर ही मौत हो गई। कार चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया, जबकि खुशबू सिंह मार्कों(22) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया, जहां से गहन उपचार के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया।
पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। दुर्घटनाग्रस्त कार शहडोल की बताई गई है। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के स्वजन को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद वे जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
सीपीआर (CPR), जिसका पूरा नाम कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन है, एक आपातकालीन जीवन रक्षक प्रक्रिया है。 यह तब की जाती है जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद हो जाए या उसकी सांस रुक जाए (जैसे कार्डियक अरेस्ट के दौरान) इसका उद्देश्य मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में रक्त और ऑक्सीजन का संचार बनाए रखना है ताकि चिकित्सा सहायता आने तक व्यक्ति जीवित रहे।
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