
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मध्य प्रदेश के सागर में नकली और कथित जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना के बाद उमरिया जिले में आबकारी विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने शहर से लगे गांवों में छापेमार कार्रवाई कर अवैध शराब निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू किया है।
आबकारी टीम ने महरोई गांव और उजनिया क्षेत्र में छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में महुआ लाहन बरामद किया गया। मौके पर कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां भी मिलीं, जिन्हें टीम ने नष्ट करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की। सागर की घटना के बाद हुई इस कार्रवाई से विभाग की सक्रियता बढ़ी हुई नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक जिले के कई इलाकों में लंबे समय से कच्ची शराब बनाने और बेचने का अवैध कारोबार चल रहा है। भंगहा, रमपुरी, सरईया टोला और ज्वालामुखी जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन इन स्थानों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
आरोप है कि आबकारी विभाग ने पिछले कई वर्षों से जिले में कच्ची शराब के खिलाफ कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कच्ची शराब के सेवन से क्षेत्र में पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी है, फिर भी इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है।
सागर की घटना के बाद महरोई और उजनिया में हुई कार्रवाई से लोगों में उम्मीद जगी है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि कार्रवाई सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिले के उन सभी क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर अवैध शराब निर्माण और बिक्री के पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।