
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मानपुर विधानसभा की विधायक मीना सिंह का एक वीडियो रविवार को इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान सड़क किनारे पुटू (जंगली मशरूम) बेचती एक बुजुर्ग महिला को देखकर विधायक ने अपना वाहन रुकवा दिया। वह सीधे अम्मा और उनके साथ मौजूद बच्चों के पास पहुंचीं, हालचाल पूछा और पुटू खरीदा।
पुटू खरीदने के बाद विधायक ने लोगों को इसके पारंपरिक महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जब गांवों में सब्जियां कम मिलती थीं, तब पुटू जैसे वन उत्पाद भोजन का स्वाद बढ़ाते थे। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से भी पुटू खरीदकर उसका आनंद लेने की अपील की।
इस दौरान विधायक ने पीहरी, चकौड़ा की भाजी सहित अन्य देशी वन उपज और पारंपरिक खाद्य पदार्थों का भी जिक्र किया। सड़क किनारे बोरी में पुटू बेच रही अम्मा के पास बैठकर खरीदारी करने पर वह काफी खुश नजर आईं।
विधायक को आम लोगों के बीच इस तरह सहजता से बातचीत और खरीदारी करते देख मौके पर मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए अचंभित रह गए। विधायक मीना सिंह की सादगी और लोगों से सीधे जुड़ने का यह अंदाज एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया।
मानसून की दस्तक के साथ मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला जंगली मशरूम पुटू (फूटू या रुगड़ा) बाजारों में दिखाई देने लगा है।
यह बेहद कम समय के लिए उपलब्ध होता है, इसलिए इसकी मांग और कीमत दोनों अधिक रहती हैं। ग्रामीण और वनांचल के लोग इसे प्रकृति का अनमोल उपहार मानते हैं।
पुटू किसी खेती के बिना जंगलों, खेतों या पुआल के आसपास अपने आप उगता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार इसमें प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। फाइबर, पोटैशियम, फॉस्फोरस, आयरन, सेलेनियम तथा विटामिन-बी समूह जैसे कई महत्वपूर्ण खनिज और पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, मांसपेशियों को मजबूती देने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।
स्वाद के मामले में पुटू को मटन या चिकन जैसा लजीज माना जाता है। बारिश के मौसम में स्थानीय हाट-बाजारों में पुटू की अच्छी आवक रहती है और लोग इसे बड़े चाव से खरीदते हैं। सीमित उपलब्धता और बेहतरीन स्वाद के कारण यह हर वर्ष लोगों की पहली पसंद बना रहता है।
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