
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत पनपथा क्षेत्र के खेरवाटोला गांव में बाघ हमले के बाद वन विभाग की रेस्क्यू कार्रवाई में बाधा डालने और शासकीय कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के मामले में पुलिस ने सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है। मामले में 25 से अधिक लोगों की सूची तैयार की गई है।
इंदवार थाना प्रभारी नंदलाल धुर्वे ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिट्टू उर्फ प्रेमलाल पाल निवासी पौड़िया, लक्ष्मण पाल निवासी गड़रियाटोला अमरपुर, राधे पाल निवासी चंसुरा, रवि तिवारी निवासी पनपथा, द्वारिका उर्फ अजय सिंह निवासी कोठिया, चन्द्रशेखर जायसवाल निवासी पनपथा तथा धरमू पाल निवासी चंसुरा शामिल हैं।
वन विभाग की टीम घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने और बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए मौके पर पहुंची थी। बताया गया कि इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने ग्रामीणों को उकसाना शुरू कर दिया।
कुछ लोगों ने वन विभाग के कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उपद्रवियों ने शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर थाना इंदवार में तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए।
पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम तथा एसडीओपी पी.एस. परस्ते के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वीडियो फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई की।
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है। जल्द ही बाकी लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव रेस्क्यू जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में अफवाहों और उकसावे से बचें तथा प्रशासन का सहयोग करें।
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