विदिशा: भाजपा नेता ने मानव अधिकार आयोग सदस्य पर लगाए पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप
भाजपा के बेस नगर मंडल अध्यक्ष दिनेश कुशवाह ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने और ...और पढ़ें
By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput Publish Date: Fri, 22 May 2026 04:00:28 PM (IST)Updated Date: Fri, 22 May 2026 04:02:29 PM (IST)
फाइल फोटो।HighLights
- भाजपा मंडल अध्यक्ष ने प्रियंक कानूनगो पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लगाए आरोप
- प्रशासन पर दबाव बनाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाने का दावा
- मोबाइल पर प्रतिक्रिया मांगने पर आयोग सदस्य ने भेजी हंसने वाली इमोजी
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। भाजपा के बेस नगर मंडल अध्यक्ष दिनेश कुशवाह ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने और भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष महाराज सिंह दांगी को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि प्रियंक कानूनगो द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे प्रकरणों में फंसाने का प्रयास किया गया।
भाजपा कार्यकर्ता को फंसाने का आरोप
मंडल अध्यक्ष ने 22 मार्च को ईदगाह चौराहे पर मकान तोड़ने के विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा और संघ से जुड़े परिवार के सदस्य वरुण मलिक को असत्य तथ्यों के आधार पर आरोपी बनाया गया, जबकि संबंधित भूमि विवाद राजस्व न्यायालय और नगरपालिका में विचाराधीन है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है तथा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सहयोग देकर संगठन विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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शिकायत करने पर नहीं मिला जबाव
इसके अलावा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की छवि धूमिल करने के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश कुशवाह ने नईदुनिया से चर्चा में बताया कि उन्होंने यह पत्र 30 अप्रैल को लिखा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं, इस मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए जब प्रियंक कानूनगो से वाट्सएप पर संपर्क किया गया तो उन्होंने जवाब में हंसने वाली इमोजी भेज दी।