
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल की खरीदी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार शासन ने खरीदी प्रक्रिया में कई नए नियम लागू किए हैं।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ओटीपी आधारित सत्यापन की जगह फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था लागू की गई है। यानी किसानों की पहचान खरीदी केंद्रों पर फेस स्कैनिंग के जरिए सत्यापित की जाएगी।
इस वर्ष जिले में लगभग नौ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की बोवनी हुई है। समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द बेचने के लिए किसानों का पंजीयन 25 मई से शुरू होगा।
इधर, सीमित खरीदी के नियम को लेकर किसानों में चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि बाजार में कीमतें समर्थन मूल्य से नीचे रहीं और सरकार केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदेगी, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान स्वयं खरीदी केंद्र पर उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से उपज बेच सकता है, लेकिन उस स्थिति में भी फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य रहेगा। भुगतान सीधे किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा।
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कृषि विभाग के उप संचालक केशव खपेड़िया ने बताया कि किसान ऑनलाइन सेंटरों और चयनित खरीदी केंद्रों पर जाकर पंजीयन करा सकेंगे। खरीदी केंद्रों का चयन सोमवार तक कर लिया जाएगा।
शासन ने इस बार मूंग का समर्थन मूल्य 8768 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। हालांकि, नई व्यवस्था के तहत पंजीकृत किसानों की कुल उपज का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।
इस बार खरीदी केंद्रों पर किसानों की पहचान फेस स्कैनिंग के माध्यम से सत्यापित की जाएगी। यदि किसान स्वयं केंद्र पर उपस्थित नहीं हो पाता है तो वह अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से भी उपज बेच सकेगा, लेकिन उसके लिए भी फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य रहेगा।- केशव खपेड़िया, उप संचालक, कृषि विभाग, विदिशा