
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। जिले के त्योंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां सामान्य प्रसव के बाद अस्पताल कर्मियों ने प्रसूता की बच्चेदानी में सुई (निडिल) छोड़ दिया। उसकी वजह से जब खून बहने लगा तो उसे कपड़ा भरकर बंद कर दिया। इसकी वजह से प्रसूता 13 घंटे तक भयंकर दर्द के बीच जिंदगी और मौत से संघर्ष करती रही। बाद में मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्चादानी से सुई और कपड़ा बाहर निकाला।
त्योंदा तहसील के ग्राम मुराहर निवासी विनोद विश्वकर्मा ने बताया कि 19 जनवरी की सुबह करीब आठ बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी विशाखा को त्योंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे दो स्टाफ नर्सों ने प्रसव कराया। प्रसव के दौरान बच्चादानी में कट लगाया गया था। प्रसव के बाद वहां टांका लगाया गया, इसी दौरान एक सुई भीतर ही रह गई। कुछ समय बाद ही विशाखा को तेज दर्द शुरू हो गया और वह बेहोश हो गई। स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बावजूद राहत नहीं मिलने पर दोपहर में उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज में कराए गए एक्स-रे में बच्चादानी के भीतर सुई और कपड़ा होने की पुष्टि हुई। विनोद ने बताया कि रात करीब एक बजे डाक्टरों ने दोबारा आपरेशन करने का निर्णय लिया, लेकिन साथ ही यह भी बताया गया कि यदि सुई नहीं मिली तो बच्चादानी निकालनी पड़ सकती है। पत्नी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्होंने सहमति दी। करीब डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बच्चादानी से सुई और कपड़ा बाहर निकाल लिया है। विनोद ने गुरुवार को कलेक्टर और सीएमएचओ को लिखित शिकायत देकर लापरवाह नर्सों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्वजनों के अनुसार ऑपरेशन के बाद भी विशाखा की हालत गंभीर बनी रही और वह दो दिन तक बेहोश रही। इस दौरान वह नवजात को दूध तक नहीं पिला सकी, जिससे शिशु की तबीयत भी बिगड़ गई। नवजात को मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है।
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यह गंभीर लापरवाही है। इसकी जांच के लिए क्लास वन अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित स्टाफ नर्सों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी- डा. रामहित कुमार, सीएमएचओ।