झकझोर देगी ममता की ये बेबसी : विदिशा में बेटे के शव पर पवित्र ग्रंथ बाइबल रखकर बैठी रही मां, आस ये कि दोबारा जिंदा हो जाएगा
सिविल लाइन थाना क्षेत्र क्रांति चौक पर एक घर में 42 वर्षीय युवक का शव मिला। शव करीब पांच दिन पुराना हो गया था। घर में मृतक युवक की मां शव के साथ ही सा ...और पढ़ें
By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput Publish Date: Mon, 25 May 2026 06:35:52 PM (IST)Updated Date: Mon, 25 May 2026 06:44:41 PM (IST)
विदिशा में घर की जांच करती अधिकारियों की टीम और मृतक शीनू वर्गिस का जीवित अवस्था का फोटो।नईदुनिया।HighLights
- विदिशा में 5 दिन तक बेटे के शव के साथ रही बूढ़ी मां, चमत्कार की आस में शव पर रखकर पढ़ती रही बाइबल
- सुबह दूधवाले ने जब कमरे से खून बहता और बदबू उठती देखी, तब पुलिस को बुलाया
- पिता की मौत के बाद मां का सहारा बनने मुंबई से आया था बेटा, बीमारी ने छीन ली जिंदगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। इंसानी रिश्तों और मां की ममता को व्याकुल कर देने वाला एक ऐसा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के क्रांति चौक से सामने आया है, जिसने सुनने वालों का कलेजा कंपा दिया है। एक घर में 42 वर्षीय युवक शीनू वर्गिस का शव उसके बिस्तर पर मिला, जो करीब पांच दिन पुराना हो चुका था।
रूह कंपा देने वाली बात यह है कि इस पूरे समय उसकी बुजुर्ग मां मरियमा वर्गिस उसी कमरे में बेटे के शव के साथ सामान्य जिंदगी जी रही थी। मां इस बात से पूरी तरह बेखबर या लाचार थी कि जिसे वह जीवित करने की प्रार्थना कर रही है, वह दुनिया छोड़ चुका है।
दूधवाला पहुंचा, तब हुआ खुलासा
सोमवार सुबह जब घर पर दूधवाला पहुंचा, तो उसे पूरे परिसर में एक असहनीय बदबू का अहसास हुआ। जब उसकी नजर कमरे के दरवाजे से बाहर बहकर आ रहे खून पर पड़ी, तो उसने तुरंत शोर मचाया और आस-पास के लोगों को इसकी सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस भी भीतर का नजारा देखकर स्तब्ध रह गई।
बाइबल पढ़कर बेटे को जिंदा करने की कोशिश में जुटी थी मां
मृतक शीनू वर्गिस की मां मरियमा वर्गिस एक निजी स्कूल से रिटायर्ड शिक्षिका हैं, लेकिन मानसिक रूप से उनकी स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो शीनू के शव के ऊपर पवित्र ईसाई धार्मिक ग्रंथ 'बाइबल' रखी हुई मिली।
आशंका जताई जा रही है कि मां अपने इकलौते साथी बेटे की मौत को स्वीकार नहीं कर पा रही थी। वह इस अंधविश्वास और सदमे में थी कि प्रार्थना और धार्मिक पाठ के जरिए उसका बेटा दोबारा उठ खड़ा होगा।
शव गलने से आने लगी तेज बदबू
ममता की यह जिद इस कदर हावी थी कि जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो बदहवास मां ने पुलिसकर्मियों को घर के अंदर घुसने नहीं दिया और दो बार दरवाजा बंद करने की कोशिश की। घर के भीतर बदबू इतनी तीव्र थी कि बिना मुंह ढके खड़े रह पाना भी नामुमकिन था। शव पूरी तरह डिकंपोज (गलना) होना शुरू हो चुका था।
पिता के साए के बाद अब तन्हा रह गई बूढ़ी मां
पड़ोसियों के अनुसार, शीनू वर्गिस मुंबई में फैशन डिजाइनिंग का काम करता था और अच्छा-खासा कमाता था। लेकिन पिछले वर्ष उसके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद बुजुर्ग मां को अकेला नहीं छोड़ना चाहता था।
वह मुंबई की चकाचौंध छोड़कर विदिशा आ गया और मां के साथ रहने लगा।
हालांकि, पिछले कुछ समय से घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और शीनू लगातार बीमार चल रहा था। घर में मां-बेटे के अलावा कोई नहीं था, जबकि उसका छोटा भाई दुबई में रहता है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज की फॉरेंसिक टीम के पास भेजा गया है। प्राथमिक दृष्टि से शव पांच दिन पुराना है। मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके कारण उन्होंने किसी को सूचना नहीं दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।- राजपाल सिंह जादौन, थाना प्रभारी, सिविल लाइन